Маро қлош мехонанд , ҳастам

مرا قلاش می‌خوانند، هستم

Ман аз дардии кашони ним мастам

من از دردی کشان نیم مستم

намегӯям зи мастӣ тавба кардам

نمی‌گویم ز مستی توبه کردم

Ҳар он тавба казон кардам , шикастам

هر آن توبه کزان کردم، شکستم

Маломати он замон бар худ гирифтам

ملامت آن زمان بر خود گرفتم

Ки дил дар меҳри он дилдори бастам

که دل در مهر آن دلدار بستم

Ман он рӯзӣ ки номи ишқи барадам

من آن روزی که نام عشق بردم

зи банди нангу номи хеши рустам

ز بند ننگ و نام خویش رستم

намегӯям ки фосиқ нестам ман

نمی‌گویم که فاسق نیستم من

Ҳар он чизе ки мегӯйанд ҳастам

هر آن چیزی که می‌گویند هستم

зи зуҳду никномӣ ор дорам

ز زهد و نیکنامی عار دارم

Ман он аттори дардии хори мастам

من آن عطار دردی‌خوار مستم

Хониш
ғзл шморҳ 481 — ъндлӣб