Бар дарди ту дил аз он ниҳодам
بر درد تو دل از آن نهادم
Кони дард барои ҷони ниҳодам
کان درد برای جان نهادم
Аз моли ҷаҳонами ним ҷон буд
از مال جهانم نیم جان بود
Бо дарди ту дар миёни ниҳодам
با درد تو در میان نهادم
Аз дар сиришку гавҳари ашк
از در سرشک و گوهر اشک
Баси ганҷ ки ройгони ниҳодам
بس گنج که رایگان نهادم
Ҳар рӯзи ҳазор бори худ ро
هر روز هزار بار خود را
Дар бутаи имтиҳони ниҳодам
در بوتهٔ امتحان نهادم
Аз бута чу по бурун гирифтам
از بوته چو پا برون گرفتم
Меҳри ғами ту бар он ниҳодам
مهر غم تو بر آن نهادم
Он сар ки бабанд кас наёяд
آن سر که ببند کس نیاید
Аз дасти ту дар ҷаҳони ниҳодам
از دست تو در جهان نهادم
Шӯрида ба шаҳр дар фитодам
شوریده به شهر در فتادم
Бунёди ҷунуни чунон ниҳодам
بنیاد جنون چنان نهادم
Каз як дами хеши ҳафт дӯзах
کز یک دم خویش هفت دوزخ
Дар ҷанб на осмони ниҳодам
در جنب نه آسمان نهادم
Баси шаб ки дар иштиёқи рӯят
بس شب که در اشتیاق رویت
Сар бар сари остони ниҳодам
سر بر سر آستان نهادم
Баси рӯз ки дил кабоб кардам
بس روز که دل کباب کردم
Дар пеш сгонт хон ниҳодам
در پیش سگانت خوان نهادم
Савдои ту сар чу бар наме тофт
سودای تو سر چو بر نمیتافت
Бо мағз дар устихони ниҳодам
با مغز در استخوان نهادم
Чаҳ суд ки бе ту бар ман омад
چه سود که بی تو بر من آمد
Ҳар тир ки дар камони ниҳодам
هر تیر که در کمان نهادم
Сад солаи захираи маломат
صد ساله ذخیرهٔ ملامت
Зон ғамзаи длстони ниҳодам
زان غمزهٔ دلستان نهادم
Сад луқмаи заҳр дар даҳонам
صد لقمهٔ زهر در دهانم
Зон лаъли шкрФшони ниҳодам
زان لعل شکرفشان نهادم
Ҳар фикр ки аз лаб ту кардам
هر فکر که از لب تو کردم
Бандӣаст ки бар даҳони ниҳодам
بندی است که بر دهان نهادم
Аттор ба ҷони расидаро меҳр
عطار به جان رسیده را مهر
Аз меҳри ту бар забони ниҳодам
از مهر تو بر زبان نهادم