Куҷо будам куҷо рафтам кҷоом ман наме донам

کجا بودم کجا رفتم کجاام من نمی‌دانم

Ба торикӣ дар афтодами раҳ равшан наме донам

به تاریکی در افتادم ره روشن نمی‌دانم

Надорам ман дарин ҳайрат ба шарҳи ҳоли худ ҳоҷат

ندارم من درین حیرت به شرح حال خود حاجت

Ки ӯ донад ки ман чунам агарчӣ ман наме донам

که او داند که من چونم اگرچه من نمی‌دانم

Чу ман гум гаштаам аз худ чаҳ ҷӯям бози ҷону тан

چو من گم گشته‌ام از خود چه جویم باز جان و تن

Ки ганҷи ҷон наме байнами тилисм тан наме донам

که گنج جان نمی‌بینم طلسم تن نمی‌دانم

Чигуна дам тавонам зад дарин дарёӣ бе поён

چگونه دم توانم زد درین دریای بی پایان

Ки дарди ошиқони онҷо ба ҷуз шеван наме донам

که درد عاشقان آنجا به جز شیون نمی‌دانم

Буруни пардагар мӯе кунӣ исбот ширк уфтад

برون پرده گر مویی کنی اثبات شرک افتد

Ки ман дар пардаи ҷузи номии зи мард ва зан наме донам

که من در پرده جز نامی ز مرد و زن نمی‌دانم

Дар он хирман ки ҷони ман дар онҷо хӯша ме чӣанд

در آن خرمن که جان من در آنجا خوشه می‌چیند

Ҳамаи оламу моФиҳо ба ним арзан наме донам

همه عالم و مافیها به نیم ارزن نمی‌دانم

Аз онам сӯхтаи хирман ки ман умрии дарин саҳро

از آنم سوخته خرمن که من عمری درین صحرا

Агарчӣ хӯша май чинами раҳ хирман наме донам

اگرچه خوشه می‌چینم ره خرمن نمی‌دانم

Чу аз ҳар ду ҷаҳони худро нахоҳам маскании ҳаргиз

چو از هر دو جهان خود را نخواهم مسکنی هرگز

Сазои дарди ин мискини яке маскан наме донам

سزای درد این مسکین یکی مسکن نمی‌دانم

Чу он гулшан ки меҷӯям нахоҳад ёфт ҳаргизи кас

چو آن گلشن که می‌جویم نخواهد یافت هرگز کس

Раҳи атторро зини ғам ба ҷуз гулхан наме донам

ره عطار را زین غم به جز گلخن نمی‌دانم

Хониш
ғзл шморҳ 553 — ъндлӣб