Нишастӣ дар дили ман чунат ҷӯям
نشستی در دل من چونت جویم
Дилам хӯн шуд магар дар хӯнат ҷӯям
دلم خون شد مگر در خونت جویم
Ту бо ман дар дарун ҷон нишаста
تو با من در درون جان نشسته
Ман аз ҳар ду ҷаҳон берунат ҷӯям
من از هر دو جهان بیرونت جویم
Чу фардо гум нахоҳӣ буд ҷовид
چو فردا گم نخواهی بود جاوید
Пас он беҳтар буд кокнўнт ҷӯям
پس آن بهتر بود کاکنونت جویم
Марои гӯйӣ чу гуми гардии марои ҷӯй
مرا گویی چو گم گردی مرا جوی
Чу бе чунӣ ту охир чунат ҷӯям
چو بی چونی تو آخر چونت جویم
Чу роҳатро на сар пайдост на пой
چو راهت را نه سر پیداست نه پای
На сар на пой чун гардунат ҷӯям
نه سر نه پای چون گردونت جویم
Яқин донам ки дар дастам кам ое
یقین دانم که در دستم کم آیی
Агарчӣ ҳар замон афзӯнат ҷӯям
اگرچه هر زمان افزونت جویم
Чу дар дастам наме оеи зи як ваҷҳ
چو در دستم نمیآیی ز یک وجه
Аз он ҳар рӯз дигргўнт ҷӯям
از آن هر روز دیگرگونت جویم
Чу ҳар дам мекунӣ сад ранги зоҳир
چو هر دم میکنی صد رنگ ظاهر
Сазадгар ҳамчу буқаламунат ҷӯям
سزد گر همچو بوقلمونت جویم
Ниёеи заррае дар дасти ҳаргиз
نیایی ذرهای در دست هرگز
Агар ҳар дам ба сад афсунат ҷӯям
اگر هر دم به صد افسونت جویم
Намирам то абадгар дарди худ ро
نمیرم تا ابد گر درد خود را
Муфарраҳ аз лаб мигўнт ҷӯям
مفرح از لب میگونت جویم
Чу дарёи гашти чашми ман зи шавқат
چو دریا گشت چشم من ز شوقت
Чигуна лؤлؤ макнунат ҷӯям
چگونه لؤلؤ مکنونت جویم
Шукри рез Фаридам ме набояд
شکر ریز فریدم می نباید
Шукр аз ханда мавзунат ҷӯям
شکر از خندهٔ موزونت جویم