эй саросемаи ма аз рухсори ту

ای سراسیمه مه از رخسار تو

Сарви сар дар пеш аз рафтори ту

سرو سر در پیش از رفتار تو

Зарра Эйаст анҷуми зхўршиди рахт

ذره‌ای است انجم زخورشید رخت

Нуқта Эйаст афлок аз паргори ту

نقطه‌ای است افلاک از پرگار تو

Гул ки бошад пеши рухсорат аз онк

گل که باشد پیش رخسارت از آنک

Ақли кул ҷузвӣаст аз рухсори ту

عقل کل جزوی است از رخسار تو

Пар шукр шуд шарқ то ғарби ҷаҳон

پر شکر شد شرق تا غرب جهان

Аз шикаррези шукри гуфтори ту

از شکرریز شکر گفتار تو

Чашм гардад зарраи зарра дар ду кун

چشم گردد ذره ذره در دو کون

Бар умеди заррае дидори ту

بر امید ذره‌ای دیدار تو

Ганҷи пинҳонии ту эй ҷону ҷаҳон

گنج پنهانی تو ای جان و جهان

Ҷони шуъоъи ту ҷаҳони осори ту

جان شعاع تو جهان آثار تو

Чун ту ҳастӣ ҳар замон дар хӯрд ту

چون تو هستی هر زمان در خورد تو

Пас ки хоҳад буд ҷузи ту ёри ту

پس که خواهد بود جز تو یار تو

Чун касеро нест ёро дар ду кун

چون کسی را نیست یارا در دو کون

Ҳаст ҳар дами тезтари бозори ту

هست هر دم تیزتر بازار تو

Сад ҳазорон ҷони фурушад ҳар нафас

صد هزاران جان فروشد هر نفس

Кас наомад воқифи асрори ту

کس نیامد واقف اسرار تو

Беш медонам ҳазор ва сад ҳазор

بیش می‌دانم هزار و صد هزار

Аз фалаки саргаштатар дар кори ту

از فلک سرگشته‌تر در کار تو

Дам ба дам май офаринад ончӣ ҳаст

دم به دم می‌آفریند آنچه هست

Ва офаридан нест ҷузи изҳори ту

و آفریدن نیست جز اظهار تو

Худ намеастад дамии як зарраи чиз

خود نمی‌استد دمی یک ذره چیز

То нисор ту шавад эсори ту

تا نثار تو شود ایثار تو

Ҳар замонии сад ҳазорон олам аст

هر زمانی صد هزاران عالم است

Кон нисор туаст анмўдори ту

کان نثار توست انمودار تو

То абад ҳаргиз набинад зарра Эй

تا ابد هرگز نبیند ذره‌ای

Хорӣу ғам ҳар ки шуд ғмхўори ту

خواری و غم هر که شد غمخوار تو

Зон ҳусайн аз дори ту Мансур шуд

زان حسین از دار تو منصور شد

Каз ҳазорон тахти беҳтари дори ту

کز هزاران تخت بهتر دار تو

Гар ҳамаи офоқи олами пар гул аст

گر همه آفاق عالم پر گل است

Зон ҳамаи гули хўштрми як хори ту

زان همه گل خوشترم یک خار تو

Сад сипаҳи ҳрлҳзаҳгар зоҳир шавад

صد سپه هرلحظه گر ظاهر شود

Барҳам андозам ба астзҳори ту

برهم اندازم به استظهار تو

Май бчрбд бар ҷаҳонии хуши дилӣ

می‌بچربد بر جهانی خوش دلی

Дар дили ман заррае тимори ту

در دل من ذره‌ای تیمار تو

Рӯй гардонид аттор аз ду кун

روی گردانید عطار از دو کون

Дар лаҳад оварад ва дар девори ту

در لحد آورد و در دیوار تو

Олимӣ дар ҳастӣ худ монда анд

عالمی در هستی خود مانده‌اند

Зин ҷиҳат шуд нест худ аттори ту

زین جهت شد نیست خود عطار تو

Хониш
ғзл шморҳ 676 — ъндлӣб