Моием дили бурӣдаи зи пайванду нози ту
ماییم دل بریده ز پیوند و ناز تو
Кӯтоҳ карда қиссаи зулфи дарози ту
کوتاه کرده قصهٔ زلف دراز تو
То трктози ҳиндӯии зулфи ту дида ам
تا ترکتاز هندوی زلف تو دیدهام
Зангии дилами зи шодӣ бе трктози ту
زنگی دلم ز شادی بی ترکتاز تو
Ҳаргиз насохт дар раҳи ушшоқи парда Эй
هرگز نساخت در ره عشاق پردهای
Кони рост буд тарки каҷи пардаи сози ту
کان راست بود ترک کج پرده ساز تو
Сар дар нишеб мондаам аз ғам чу масти ишқ
سر در نشیب ماندهام از غم چو مست عشق
Аз шавқи зулфи анбарии сарфарози ту
از شوق زلف عنبری سرفراز تو
Гар буд пеши қомати ту сарв дар намоз
گر بود پیش قامت تو سرو در نماز
Озод шуд зи қомати ту дар намози ту
آزاد شد ز قامت تو در نماز تو
Хатат ки офтоби рахтро равон буд
خطت که آفتاب رخت را روان بود
Зон хат муҳаққиқаст ки шуд насхи нози ту
زان خط محقق است که شد نسخ ناز تو
Неи не ки ҳаст хати ту сарсабзи тӯтӣӣ
نی نی که هست خط تو سرسبز طوطیی
Парвардааст аз шукри длнўози ту
پرورده است از شکر دلنواز تو
Шаҳбози ҳасани ту чу з хат ёфт пару бол
شهباز حسن تو چو ز خط یافت پر و بال
Тӯтӣ гирифт ғошияи длнўози ту
طوطی گرفت غاشیهٔ دلنواز تو
Ҳар рӯзи эҳтирози ту бешаст сӯии ман
هر روز احتراز تو بیش است سوی من
Аз ҳади гузашти шавқи ману эҳтирози ту
از حد گذشت شوق من و احتراز تو
Аз бас ки ҳаст дар раҳи савдои ту тилисм
از بس که هست در ره سودای تو طلسم
Воқиф нагашт ҳеҷ кас аз ганҷи рози ту
واقف نگشت هیچکس از گنج راز تو
Чун аз касе ҳақиқати рӯят талаб кунам
چون از کسی حقیقت رویت طلب کنم
Чун кас набӯд муҳаррами кӯии муҷози ту
چون کس نبود محرم کوی مجاز تو
Сари бози зан чу шамъ ба газии Фарид ро
سر باز زن چو شمع به گازی فرید را
Гар сари дамӣ чу шамъ битобад зи гази ту
گر سر دمی چو شمع بتابد ز گاز تو