Аз ман бехабар чаҳ май талабӣ
از من بی خبر چه میطلبی
Сӯхтами хушк ватар чаҳ май талабӣ
سوختم خشک و تر چه میطلبی
Гарчи шаҳбоз маърифат будам
گرچه شهباز معرفت بودم
Рехтами болу пар чаҳ май талабӣ
ریختم بال و پر چه میطلبی
Дар ду олами з ҳарчӣ буд ва набӯд
در دو عالم ز هرچه بود و نبود
Бигусастам дигар чаҳ май талабӣ
بگسستم دگر چه میطلبی
Мондаам ҳамчуи гӯй дар раҳи ту
ماندهام همچو گوی در ره تو
Гум шудаи поу сар чаҳ май талабӣ
گم شده پا و سر چه میطلبی
Ман ошуфтаро зи ишқи рахт
من آشفته را ز عشق رخت
Ҳар дами ошуфтатар чаҳ май талабӣ
هر دم آشفتهتر چه میطلبی
Пеши тарафи кулоҳи гӯшаи ту
پیش طرف کلاه گوشهٔ تو
Кардаам ҷони камар чаҳ май талабӣ
کردهام جان کمر چه میطلبی
Гуфтае дарди ту ҳамеи талабам
گفتهای درد تو همی طلبم
Дарди азин бештар чаҳ май талабӣ
درد ازین بیشتر چه میطلبی
Бо дилии пари зи дарди ту шабу рӯз
با دلی پر ز درد تو شب و روز
Шудаам навҳагар чаҳ май талабӣ
شدهام نوحهگر چه میطلبی
Бехабар мондаам зи мастии ишқ
بی خبر ماندهام ز مستی عشق
Ҳастат охири хабар чаҳ май талабӣ
هستت آخر خبر چه میطلبی
Парда баргир ва беш азин охир
پرده برگیر و بیش ازین آخر
Пардаи ман мдр чаҳ май талабӣ
پردهٔ من مدر چه میطلبی
Чанд бошам на дил на ҷон бе ту
چند باشم نه دل نه جان بی تو
Ронда дар бадар чаҳ май талабӣ
راندهٔ در بدر چه میطلبی
Бе ту атторро раво набӯд
بی تو عطار را روا نبود
Хӯни гирифтаи ҷигар чаҳ май талабӣ
خون گرفته جگر چه میطلبی