Мо масти шароб ҷон физойем
ما مست شراب جان فزاییم
Сархуши з мегиреҳ гушойем
سرخوش ز می گره گشاییم
Дар кунҷи шробхонаҳ ганҷӣ аст
در کنج شرابخانه گنجی است
Мо толиби ганҷи кнҷҳоиим
ما طالب گنج کنجهاییم
Онҳо ки ҳавоӣ ме надоранд
آنها که هوای می ندارند
Зинҳор гумон мабар ки моием
زنهار گمان مبر که ماییم
Ҳар ҷо ки суроҳеии з ҷомӣ аст
هر جا که صراحیی ز جامی است
Гар ҷони талабад дро даройем
گر جان طلبد درآ درآییم
То ҳосили мо з май даройад
تا حاصل ما ز می درآید
Бардошта даст дар дъоиим
برداشته دست در دعاییم
То мо гул рӯй дӯсти дидем
تا ما گل روی دوست دیدیم
Чун булбул маст ме саройем
چون بلبل مست می سراییم
Мо гавҳари нур зот покем
ما گوهر نور ذات پاکیم
Равшан суханӣ аст ме намоем
روشن سخنی است می نماییم
Мо сӯфии сафаи сафойӣам
ما صوفی صفهٔ صفاییم
Бе худ з худем ва аз худоӣам
بیخود ز خودیم و از خداییم
Соқии сухан аз меМуғон гуфт
ساقی سخن از می مغان گفت
Дил чун бишунид тарк ҷон гуфт
دل چون بشنید ترک جان گفت
Як ҷуръа май ва ҳазор маънӣ
یک جرعه می و هزار معنی
Аз ишқ ба гӯш ошиқон гуфт
از عشق به گوش عاشقان گفت
Вази гардиши ҷоми ҳасани соқӣ
وز گردش جام حسن ساقی
Бо мо ғаму шодӣ ҷаҳон гуфт
با ما غم و شادی جهان گفت
Норуста ҳануз дори Мансур
نارسته هنوز دار منصور
Ишқ омаду ақлро равон гуфт
عشق آمد و عقل را روان گفت
Дӯш аз сар бехудӣу мастӣ
دوش از سر بیخودی و مستی
Перами сухан аз мениҳон гуфт
پیرم سخن از می نهان گفت
Дил чун бишунид ном май ро
دل چون بشنید نام می را
Май хост ба рағм суфиён гуфт
میخواست به رغم صوفیان گفت
Мо сӯфии сафаи сафойӣам
ما صوفی صفهٔ صفاییم
Бе худ з худем ва аз худоӣам
بیخود ز خودیم و از خداییم
Соқӣ башикан хумори ҷон ро
ساقی بشکن خمار جان را
Дарёб ҳаёти ҷовдон ро
دریاب حیات جاودان را
Кини як дўсаҳи рӯзи умр боқӣ аст
کین یک دوسه روز عمر باقی است
Аз дасти мада май Муғон ро
از دست مده می مغان را
Ваон дам ки тиҳӣ шавад суроҳе
وان دم که تهی شود صراحی
Бифурӯш ба ҷуръае ҷаҳон ро
بفروش به جرعهای جهان را
Дар фасли баҳору мавсими гул
در فصل بهار و موسم گل
Бе ишқи мадори ошиқон ро
بی عشق مدار عاشقان را
эй онкии нахондае ту ҳаргиз
ای آنکه نخواندهای تو هرگز
Аз лавҳи даруни хати равон ро
از لوح درون خط روان را
Фардо ки бипурсаш андари оранд
فردا که بپرسش اندر آرند
Дар маҷлиси ҳашари суфиён ро
در مجلس حشر صوفیان را
Мо масти шароби ҷоми соқӣ
ما مست شراب جام ساقی
Гӯйем ҳадиси ин баён ро
گوییم حدیث این بیان را
Мо сӯфии сафаи сафойӣам
ما صوفی صفهٔ صفاییم
Бе худ з худем ва аз худоӣам
بیخود ز خودیم و از خداییم
эй дилбари моҳрӯии танноз
ای دلبر ماهروی طناز
Бурқаъи зи ҷамоли худ барандоз
برقع ز جمال خود برانداز
То дидаи зи партави ҷамолат
تا دیده ز پرتو جمالت
Чун ҷоми ҷаҳон намо кунам боз
چون جام جهان نما کنم باز
Мо зинда ба буи ҷом ишқем
ما زنده به بوی جام عشقیم
Дар маҷлиси ошиқони ҷонбоз
در مجلس عاشقان جانباز
Бо тӯтии ақли хеши ҳамдам
با طوطی عقل خویش همدم
Бо булбули ишқи худ ҳам овоз
با بلبل عشق خود هم آواز
эй булбули хуши навои сурӯдӣ
ای بلبل خوش نوا سرودی
Оҳанги ҳиҷози гиру Аҳвоз
آهنگ حجاز گیر و اهواز
Бо авди басои авд май сӯз
با عود بسای عود می سوز
Бо чанг бисозу чанг май соз
با چنگ بساز و چنگ میساز
Чун нест дарин замонаи мо ро
چون نیست درین زمانه ما را
Бо сӯфӣ бе сафои дамии роз
با صوفی بیصفا دمی راز
Мо сӯфии сафаи сафойӣам
ما صوفی صفهٔ صفاییم
Бе худ з худем ва аз худоӣам
بیخود ز خودیم و از خداییم
Дӯш аз сари хами садои баромад
دوش از سر خم صدا برآمد
Ҷӯш аз май ҷонФзои баромад
جوش از می جانفزا برآمد
Зон ҷӯш ба гӯши хок дар даҳр
زان جوش به گوش خاک در دهر
Не раст ва ба сад навои баромад
نی رست و به صد نوا برآمد
Дар ҳавсила ҷаҳон нагунҷад
در حوصلهٔ جهان نگنجد
Чун ганҷи зи кунҷҳо баромад
چون گنج ز کنجها برآمد
Ҳқо ки зи қудрати ҳамӯ буд
حقا که ز قدرت همو بود
Кождр шуд ва аз Асои баромад
کاژدر شد و از عصا برآمد
эй ринди шароби хораи имрӯз
ای رند شرابخواره امروز
Май даҳ ки з май сафои баромад
می ده که ز می صفا برآمد
Чандон ки ту шарҳ ишқ кардӣ
چندان که تو شرح عشق کردی
Гирди ту зи гирди мо баромад
گرد تو ز گرد ما برآمد
Шукронаи онкии сӯфии имрӯз
شکرانهٔ آنکه صوفی امروز
Худро шуд ва аз худои баромад
خود را شد و از خدا برآمد
Мо сӯфии сафаи сафойӣам
ما صوفی صفهٔ صفاییم
Бе худ з худем ва аз худоӣам
بیخود ز خودیم و از خداییم
Зини пеш ки аз ҷаҳони пурғам
زین پیش که از جهان پرغم
Ҷустем вафо нашуд мусаллам
جستیم وفا نشد مسلم
Чун маликат ҷам намонад ҷовид
چون ملکت جم نماند جاوید
Май нӯш ба ёди маликати ҷам
می نوش به یاد ملکت جم
эй онкӣ нагаштааст холӣ
ای آنکه نگشته است خالی
Аз синаи ман ғами ту икдм
از سینهٔ من غم تو یکدم
Бозо ки дар орзӯии рӯят
بازآ که در آرزوی رویت
Тадбири дил рамида кардам
تدبیر دل رمیده کردم
Гуфтам ба табиби дарди худ ро
گفتم به طبیب درد خود را
Дардам чу табиб дид дар дам
دردم چو طبیب دید در دم
Бинвишт ба хӯни дили ҷавобӣ
بنوشت به خون دل جوابی
Ваон низ ба сабр кард марҳам
وان نیز به صبر کرد مرهم
Биншинӣ агар маҷоли дорӣ
بنشینی اگر مجال داری
Бар хок дараш шабӣ чу шабнам
بر خاک درش شبی چو شبنم
эй бедил агар ту дасти ёбӣ
ای بیدل اگر تو دست یابی
Бар гӯй ба сокинони муҳаррам
برگوی به ساکنان محرم
Мо сӯфии сафаи сафойӣам
ما صوفی صفهٔ صفاییم
Бе худ з худем ва аз худоӣам
بی خود ز خودیم و از خداییم
эй булбули хўшнўо фиғон кун
ای بلبل خوشنوا فغان کن
Ид аст навой ошиқон кун
عید است نوای عاشقان کن
Чун сабзаи зи хок сар баровард
چون سبزه ز خاک سر برآورد
Тарки дилу барг бӯстон кун
ترک دل و برگ بوستان کن
Болишти зи сунбулу самани соз
بالشت ز سنبل و سمن ساز
Вази барги бунафша соябон кун
وز برگ بنفشه سایبان کن
Чун лолаи зи сар калла биндоз
چون لاله ز سر کله بینداز
Сархуши шӯу даст дар миён кун
سرخوش شو و دست در میان کن
Бурдор сафинаи ғазал ро
بردار سفینهٔ غزل را
Ваз ҳар варақии гулӣ нишон кун
وز هر ورقی گلی نشان کن
Сад гавҳари маънӣ ар туоне
صد گوهر معنی ار توانی
Дар гӯши ҳарифи нукта дон кун
در گوش حریف نکتهدان کن
Ваон дам ки рисӣ ба шеъри аттор
وان دم که رسی به شعر عطار
Дар маҷлиси ошиқон равон кун
در مجلس عاشقان روان کن
Мо сӯфии сафаи сафойӣам
ما صوفی صفهٔ صفاییم
Бе худ з худем ва аз худоӣам
بی خود ز خودیم و از خداییم