Бдом афтод рӯбоҳии саҳаргоҳ

بدام افتاد روباهی سحرگاه

Брўбаҳ бозӣ андешед дар роҳ

بروبه بازی اندیشید در راه

Кигар сайёд бинад ҳамчунинам

که گر صیّاد بیند همچنینم

Диҳад ҳолеи бгозри пўстинм

دهد حالی بگازر پوستینم

Пас онгаҳ мурда кард ӯ хештан ро

پس آنگه مرده کرد او خویشتن را

зи бими ҷони фурӯи афканди тан ро

ز بیم جان فرو افکند تن را

Чу сайёд омад ӯро мурдаи пиндошт

چو صیّاد آمد او را مرده پنداشت

намеёраст рӯбаҳро кам ингошт

نمی‌یارست روبه را کم انگاشت

з бен бибаред ҳолеи гӯш ӯ лек

ز بُن ببرید حالی گوش او لیک

Ки гӯш ӯ бакор ояд марои нек

که گوش او بکار آید مرا نیک

Бадали рӯбоҳи гуфтои тарки ғами гир

بدل روباه گفتا ترکِ غم گیر

Чу зиндаи мондаи як гӯша кам гир

چو زنده ماندهٔ یک گوشه کم گیر

Яке дигар биёмад гуфт ин дам

یکی دیگر بیامد گفت این دم

Забон ӯ бакор ояд марои ҳам

زبان او بکار آید مرا هم

Забонашро бурид он мард ногоҳ

زبانش را برید آن مرد ناگاه

Накард аз бими ҷони як нолаи рӯбоҳ

نکرد از بیمِ جان یک ناله روباه

Дигар кас гуфт моро аз ҳамаи чиз

دگر کس گفت ما را از همه چیز

Бакор ояд ҳамеи дандон ӯ низ

بکار آید همی دندانِ او نیز

Назд дам то ки оҳан дарфиканданд

نزد دم تا که آهن درفکندند

Бсхтӣ чанд дандонаш бикунаданд

بسختی چند دندانش بکندند

Бадали рӯбоҳи гуфтогар бимонам

بدل روباه گفتا گر بمانم

На дандон бош венаи гӯшу забонам

نه دندان باش ونه گوش و زبانم

Дигар кас омад ва гуфт ихтиёраст

دگر کس آمد و گفت اختیارست

Дили рӯбаҳ ки ранҷиро бакораст

دل روبه که رنجی را بکارست

Чу ном дил шунид аз даври рӯбоҳ

چو نام دل شنید از دور روباه

Ҷаҳони брчшм ӯ шуд тираи онгоҳ

جهان برچشمِ او شد تیره آنگاه

Бадал мегуфт бо дил нест бозӣ

بدل می‌گفت با دل نیست بازی

Кунун бояд бакорами ҳила созӣ

کنون باید بکارم حیله سازی

Бигуфт ину бсди дастону тазвир

بگفت این و بصد دستان و تزویر

Биҷуст аз дом ҳамчун аз камони тир

بجَست از دام همچون از کمان تیر

Ҳадиси дили ҳадисӣ бас шигифтаст

حدیث دل حدیثی بس شگفتست

Ки ду олам ҳадисаш даргирифтаст

که دو عالم حدیثش درگرفتست

Равои дорӣ ки дар хӯнами нишоне ?

روا داری که در خونم نشانی؟

Ҳадис дил магӯ дигари ту доне

حدیث دل مگو دیگر تو دانی

Чу дил хӯн шуд бигӯ аз дил чаҳ гӯям

چو دل خون شد بگو از دل چه گویم

зи дил бо мардуми ғофил чаҳ гӯям

ز دل با مردم غافل چه گویم

Дилами онҷо ки маъшӯқаст онҷост

دلم آنجا که معشوقست آنجاست

Ман онҷо кӣ расми ин кӣ шавад рост

من آنجا کی رسم این کی شود راست

Дили ман гум шуд аз ман нопадедор

دل من گُم شد از من ناپدیدار

На ман аз дил на дил аз ман хабардор

نه من از دل نه دل از من خبردار

Чу доим аз дили худ бе нишонам

چو دائم از دل خود بی‌نشانم

Нишоне кӣ буд аздлстонм

نشانی کی بود از دلستانم