Шуайб аз шавқи ҳақи даҳ сол бигирист
شُعَیب از شوقِ حق ده سال بگریست
Азон пас чашми пӯшида ҳаме зист
ازان پس چشم پوشیده همی زیست
Худо биноаш кард аз баъди он боз
خدا بیناش کرد از بعدِ آن باز
Ки шуд даҳ соли дигар хӯн фишон боз
که شد ده سالِ دیگر خون فشان باز
Дигар раҳ тира шуд ду чашм гарӣонаш
دگر ره تیره شد دو چشمِ گریانش
Дигар раҳи чашм рӯзӣ кард яздонаш
دگر ره چشم روزی کرد یزدانش
Дигар раҳи соли дигар зор бигирист
دگر ره سالِ دیگر زار بگریست
Дигар раҳ низ натавонист нагирист
دگر ره نیز نتوانست نگریست
Чу нобӣно шуду гирёни биФтод
چو نابینا شد و گریان بیفتاد
Худованди ҷаҳон вҳиш фиристод
خداوند جهان وَحیَش فرستاد
Кигар аз бими дӯзах хӯн фишонӣ
که گر از بیمِ دوزخ خون فشانی
Туро озод кардам ҷовдонӣ
ترا آزاد کردم جاودانی
Вагар баҳри биҳиштии зори гирён
وگر بهر بهشتی زار گریان
Турои бахшами биҳишту ҳуру ризвон
ترا بخشم بهشت و حور و رضوان
Шуайб онгаҳ забон бикшод ҳоле
شعیب آنگه زبان بگشاد حالی
Ки эй ҳукми ту ҳукми лоязолӣ
که ای حکم تو حکم لایزالی
Ман аз шавқ ту мегарем чунин зор
من از شوق تو میگریم چنین زار
Ки ман баси фориғами азнўр ва аз нор
که من بس فارغم ازنور و از نار
На икдм аз биҳиштам ёд ояд
نه یکدم از بهشتم یاد آید
На аз дӯзахи маро фарёд ояд
نه از دوزخ مرا فریاد آید
Марои қурби ту бояд ҷовдонӣ
مرا قرب تو باید جاودانی
Бигуфтам дарди худ дигари ту доне
بگفتم دردِ خود دیگر تو دانی
Хитоб омад зи авҷи ошноӣӣ
خطاب آمد ز اوج آشنائی
Ки чун гирён барои шавқи моӣӣ
که چون گریان برای شوق مائی
Кунун хуш майгарӣ ва майгарӣ зор
کنون خوش میگری و میگری زار
Ки карт сахт душвораст душвор
که کارت سخت دشوارست دشوار
Пас онгаҳ гуфт эй донандаи роз
پس آنگه گفت ای دانندهٔ راز
Мадаи биноӣии ман баъди азин боз
مده بینائی من بعد ازین باز
Ки то вақте ки он дидор набӯд
که تا وقتی که آن دیدار نبوَد
Маро бо дӣдании худ кор набӯд
مرا با دیدنی خود کار نبوَد
Ъзизо чун на ин дидори дорӣ
عزیزا چون نه این دیدار داری
Басӣ бгарӣ ки умрии кори дорӣ
بسی بگری که عمری کار داری
Ки чандоне ки дар дил рашк бешаст
که چندانی که در دل رشک بیشست
Бичишам ошиқон дар ашк бешат
بچشم عاشقان در اشک بیشت