Бишинав аз гуфтори фарзанди набӣ
بشنو از گفتار فرزند نبی
Онкӣ аз ҷон бӯда пайванди набӣ
آنکه از جان بوده پیوند نبی
Он имомии кӯи баҳақи ин роҳ рафт
آن امامی کو بحقّ این راه رفت
Аз ҷаҳон ӯ бо дил огоҳ рафт
از جهان او با دل آگاه رفت
Он имомии кӯ чу ҷадаши пок буд
آن امامی کو چو جدّش پاک بود
Кӣ чу бобаши худ зи душмани бок буд
کی چو بابش خود ز دشمن باک بود
Он имомии кӯи зҷд мирос ёфт
آن امامی کو زجدّ میراث یافت
Илми ботин рӯй худ аз ғайр тофт
علم باطن روی خود از غیر تافت
Онкӣ ӯро ман ҳаме донам эмом
آنکه او را من همی دانم امام
Ғайри меҳр ӯ надонам вассалом
غیر مهر او ندانم والسلام
Дар вилояти маънӣ асрор дошт
در ولایت معنی اسرار داشت
Дар ҳидояти ҷони ҳашт ва чор дошт
در هدایت جان هشت و چار داشت
Ҷаъфари содиқи эмоми хосу ом
جعفر صادق امام خاص و عام
Муқтадои халқу маънии калом
مقتدای خلق و معنی کلام
Доими он султони дайн дар хона буд
دایم آن سلطان دین در خانه بود
Каз дараш халқи ҷаҳони бегона буд
کز درش خلق جهان بیگانه بود
Як шабӣ Довӯд дид анвор ӯ
یک شبی داود دید انوار او
Мавҷ мезад баҳри дили зи асрор ӯ
موج میزد بحر دل ز اسرار او
Як шабии Довӯди тоӣии пери роҳ
یک شبی داود طائی پیر راه
Остон бӯсед ва омад пеши шоҳ
آستان بوسید و آمد پیش شاه
Кард ӯ чун бар эмоми дайни салом
کرد او چون بر امام دین سلام
Гуфт эй дар дайни Аҳмади бонизом
گفت ای در دین احمد بانظام
Чун тўӣии ҳодии арбоби қабул
چون توئی هادی ارباب قبول
Боби ту шоҳасту ҷади ту расӯл
باب تو شاه است و جدّ تو رسول
Ту маро эй баҳри ирфони панди даҳ
تو مرا ای بحر عرفان پند ده
Бар дилам аз панди худпайванди даҳ
بر دلم از پند خودپیوند ده
Шоҳ гуфташ эй сулаймони замин
شاه گفتش ای سلیمان زمین
Илм шаръат ҳаст дар зери нигин
علم شرعت هست در زیر نگین
Зоҳид вақте вдўлти бошиддат
زاهد وقتی ودولت باشدت
Худ ба панди ман чаҳ ҳоҷати бошиддат
خود به پند من چه حاجت باشدت
Гуфт Довӯдаш ки эй нури қамар
گفت داودش که ای نور قمر
Хоҳам аз нахли вилояти як самар
خواهم از نخل ولایت یک ثمر
Пас эмом дайн бигуфташ ин ҷавоб
پس امام دین بگفتش این جواب
Ман ҳамеи тарсам дар охир аз азоб
من همی ترسم در آخر از عذاب
Зонкаҳ фармӯдааст ҷадами Мустафо
زآنکه فرموده است جدّم مصطفی
Он набии хосу маҳбӯби худо
آن نبیّ خاص و محبوب خدا
Гар ту бе ман раҳравӣ дар гулханӣ
گر تو بی من رهروی در گلخنی
Балки андари ин насаби давр аз манӣ
بلکه اندر این نسب دور از منی
Андари ин раҳи худ насаб ноед бакор
اندر این ره خود نسب ناید بکار
Тоъату зуҳду вараъ дорӣ биор
طاعت و زهد و ورع داری بیار
Анд райни раҳи ҷон бибояд бохтан
اند راین ره جان بباید باختن
Хона дар кӯии маломати сохтан
خانه در کوی ملامت ساختن
Ончӣ ҷадам гуфтааст эй поки дайн
آنچه جدّم گفته است ای پاک دین
Бишинав вбрхўон ва дар маънӣ бибин
بشنو وبرخوان و در معنی ببین
Гашти худ Довӯди баси тарсони азин
گشت خود داود بس ترسان ازین
То набошад ҳоли ман фардои чунин
تا نباشد حال من فردا چنین
Пеши ҷадам ман набошам шармсор
پیش جدّم من نباشم شرمسار
Беибодат ман набудам барқарор
بی عبادت من نبودم برقرار
Чун шунид аз содиқ ин зад ҷомаи чок
چون شنید از صادق این زد جامه چاک
АўФтод аз гиряу зории бхок
اوفتاد از گریه و زاری بخاک
Гуфт ёрб ту ҳамеи доне ки ман
گفت یارب تو همی دانی که من
Шарм дорам пеши ту гуфтани сухан
شرم دارم پیش تو گفتن سخن
Онкии мақсӯди замину осмон
آنکه مقصود زمین و آسمان
Аслу фазл ӯ ба пеши ман аён
اصل و فضل او به پیش من عیان
ӯ ҳаме гуяд ба пешами аҷзи хеш
او همی گوید به پیشم عجز خویش
Чун нигарадам дили Фкору синаи риш
چون نگردم دل فکار و سینه ریش
Рафт Довӯд ва ба хилват кор кард
رفت داود و به خلوت کار کرد
Рӯи басӯии кулба асрор кард
رو بسوی کلبهٔ اسرار کرد
Бртрошид аз замираши ғайри ҳақ
برتراشید از ضمیرش غیر حق
Пеши содиқи хонда буд ӯ ин сабақ
پیش صادق خوانده بود او این سبق
ӯ бигуфт содиқи ҳақ кор кард
او بگفت صادق حق کار کرد
Рӯи басӯии кулба асрор кард
رو بسوی کلبهٔ اسرار کرد
Дар биравӣ халқи олами баст ӯ
در بروی خلق عالم بست او
Ҷони вдл дар зикри ҳақи пайваст ӯ
جان ودل در ذکر حق پیوست او
Зндгиши ваҳдату ирфон шуда
زندگیّش وحدت و عرفان شده
Мрдгиши зиндагии ҷон шуда
مردگیّش زندگیّ جان شده
ӯ дигар бо халқ ҳамроҳӣ накард
او دگر با خلق همراهی نکرد
Бўддоими ҷон ӯ бо сӯзи вдрд
بوددایم جان او با سوز ودرد
Чун даромад ишқу даравӣ гарм шуд
چون درآمد عشق و دروی گرم شد
Вази муҳаббати дил чу мумаш нарм шуд
وز محبّت دل چو مومش نرم شد
Назд содиқи як раҳ омад шайхи фард
نزد صادق یک ره آمد شیخ فرد
Содиқаш бархон неъмат хос кард
صادقش برخوان نعمت خاص کرد
ӯ зи пеши шоҳи худ ноне гирифт
او ز پیش شاه خود نانی گرفت
Худ зи як луқма аз он ҷонӣ гирифт
خود ز یک لقمه از آن جانی گرفت
Чун зи пеш содиқ омад ӯ бурун
چون ز پیش صادق آمد او برون
Дид трсоӣии бғоити зуфунун
دید ترسائی بغایت ذوفنون
Дод аз нони шаҳ ӯро луқма Эй
داد از نان شه او را لقمهای
Сохт тарсои ҳам аз он нони туъма Эй
ساخت ترسا هم از آن نان طعمهای
Кандарин луқмаи басии асрорҳост
کاندرین لقمه بسی اسرارهاست
Вондри ин луқмаи басии гуфторҳо
واندر این لقمه بسی گفتارها
Худ зи дасти шайхи тарсо он гирифт
خود ز دست شیخ ترسا آن گرفت
Хӯрд он наН ва аз оннон ҷон гирифт
خورد آن نن و از آننان جان گرفت
Хӯрд аз он луқмаи равон маърӯф шуд
خورد از آن لقمه روان معروف شد
ӯ бмърўФӣ аз он мавсуф шуд
او بمعروفی از آن موصوف شد
Аз адам чун ҷониби дунёи шитофт
از عدم چون جانب دنیا شتافت
Аўўҷўди хешро пурнур ёфт
اووجود خویش را پرنور یافت
Шуд сӯии бозори рӯзӣ бо шитоб
شد سوی بازار روزی با شتاب
Дид сқоӣӣ ки ӯ медод об
دید سقّائی که او میداد آب
Гуфт бо халқон ки аз баҳри худо
گفت با خلقان که از بهر خدا
Об ман гиред ва нӯшед аз сафо
آب من گیرید و نوشید از صفا
Ном ҳақ бишунид чун маърӯфи азу
نام حق بشنید چون معروف ازو
Гашт аз он маърӯф дар дами оби ҷӯ
گشت از آن معروف در دم آب جو
Об нӯшеду бадасташ ҷом дод
آب نوشید و بدستش جام داد
Номи ҳақро дар дил ӯ ором дод
نام حق را در دل او آرام داد
Халқ гуфтандаш ки рӯза доштӣ
خلق گفتندش که روزه داشتی
Меъдаро аз об чун анбоштӣ
معده را از آب چون انباشتی
Гуфт аз баҳр худо хӯрдам ман об
گفت از بهر خدا خوردم من آب
То расад аз рӯзау обами савоб
تا رسد از روزه و آبم ثواب
Ман дуо аз заҳмати худ сохтам
من دعا از زحمت خود ساختم
зи он басӯрат рӯзаро пардохтам
ز آن بصورت روزه را پرداختم
Рӯи з сӯрат бигузар ва маънӣ бидон
رو ز صورت بگذر و معنی بدان
То шӯии воқифи зи асрори ниҳон
تا شوی واقف ز اسرار نهان
Гар бмънӣ май рисии инсони тўӣӣ
گر بمعنی میرسی انسان توئی
Дар ҳақиқати ояти рҳмни тўӣӣ
در حقیقت آیت رحمن توئی
Ҳар ки дрмънии баҳақ восил нашуд
هر که درمعنی بحق واصل نشد
ӯ бкўии ошиқон мқбл нашуд
او بکوی عاشقان مقبل نشد
Ҳамчуи крхии ту баҳақи машғӯли шӯ
همچو کرخی تو بحق مشغول شو
Ту қабул ӯ талаби мақбули шӯ
تو قبول او طلب مقبول شو
То нагардӣ рӯзи охири шармсор
تا نگردی روز آخر شرمسار
Ту аз ин кирдори худ шармӣ бидор
تو از این کردار خود شرمی بدار
Хўднхўоҳӣ монад зиндаи ҷовдон
خودنخواهی ماند زنده جاودان
Оқибат бояд бурун рафт аз ҷаҳон
عاقبت باید برون رفت از جهان
Ту чаҳ ҳосил кардӣ эй гум карда роҳ
تو چه حاصل کردی ای گم کرده راه
Ҳамчуи пунбаи сохтӣ мӯии сиёҳ
همچو پنبه ساختی موی سیاه
Мӯи сифеди имони заъифу дили сиёҳ
مو سفید ایمان ضعیف و دل سیاه
Кӣ шӯии тақсири худро узри хоҳ
کی شوی تقصیر خود را عذر خواه
Гашт агар аттор дар тақсири пер
گشت اگر عطّار در تقصیر پیر
Раҳм кун ё раб ба тақсираши мгир
رحم کن یا رب به تقصیرش مگیر