Хӯрд исои обӣ аз ҷӯии хуши об
خورد عیسی آبی از جویی خوش آب
Буд таъми оби хуштар аз ҷлоб
بود طعم آب خوشتر از جلاب
Он яке зон оби хам пар кард ва рафт
آن یکی زان آب خم پر کرد و رفت
Исо низ аз хам обӣ хӯрд ва рафт
عیسی نیز از خم آبی خورد و رفت
Шуд зи оби хами ҳамеи талхаши даҳон
شد ز آب خم همی تلخش دهان
Боз гардид ва аҷоиб монад аз он
باز گردید و عجایب ماند از آن
Гуфт ё раби оби ин хаму оби ҷӯй
گفت یا رب آب این خم و آب جوی
Ҳар ду як обаст , сар ин бигӯӣ
هر دو یک آبست، سر این بگوی
То чаро талхаст оби хами чунин
تا چرا تلخ است آب خم چنین
Вена дигар ширин тараст аз ангабин
وین دگر شیرین ترست از انگبین
Пеши исои он хам омад дар сухан
پیش عیسی آن خم آمد در سخن
Гуфт эй исои манам мардии куҳан
گفت ای عیسی منم مردی کهن
Зери ин на косаи ман бории ҳазор
زیر این نه کاسه من باری هزار
Гаштаам ҳам кӯзаи ҳам хами ҳам тғор
گشتهام هم کوزه هم خم هم طغار
Гар кунандам хами ҳазорон бор низ
گر کنندم خم هزاران بار نیز
Нест ҷузи талхии маргами кор низ
نیست جز تلخی مرگم کار نیز
Доим аз талхии маргами ин чунин
دایم از تلخی مرگم این چنین
Об ман зонаст ноширини чунин
آب من زانست ناشیرین چنین
Охир эй ғофил , зи хами бниўши роз
آخر ای غافل، ز خم بنیوش راز
Беш азин худро зи ғифлати хари мсоз
بیش ازین خود را ز غفلت خر مساز
Хешро гум кардае эй розҷўӣ
خویش را گم کردهای ای رازجوی
Пеш аз онкат ҷон барояд розҷўӣ
پیش از آنکت جان برآید رازجوی
Гар наёбӣ зиндаи худро бози ту
گر نیابی زنده خود را باز تو
Чун бимирӣ кӣ шиносии рози ту
چون بمیری کی شناسی راز تو
На бҳшёрии туро аз худ хабар
نه بهشیاری ترا از خود خبر
На бмрдн аз вуҷӯдати ҳеҷ асар
نه بمردن از وجودت هیچ اثر
Зиндаи паии нобарда , мурдаи гум шуда
زنده پی نابرده، مرده گم شده
Зодаи мурда лек номардум шуда
زاده مرده لیک نامردم شده
Сад ҳазорон пардаи он дарвеш ро
صد هزاران پرده آن درویش را
Пас чигуна бозёбад хеш ро
پس چگونه بازیابد خویش را