Гуфт андари пеши афлотӯн касе
گفت اندر پیش افلاطون کسی
Кони фулонии ҳамди мигФтти басӣ
کان فلانی حمد میگفتت بسی
Дар ҳунари бстўд бисёре туро
در هنر بستود بسیاری ترا
То фалак биниҳод миқдории туро
تا فلک بنهاد مقداری ترا
Зон сухан бигирист афлотӯни бадарад
زان سخن بگریست افلاطون بدرد
Рӯй оварад аз сар дардӣ бамурд
روی آورد از سر دردی بمرد
Гуфт мигрим ки дар дили мшклист
گفت میگریم که در دل مشکلیست
То чаҳ кардам кони писанди ҷоҳлист
تا چه کردم کان پسند جاهلیست
Ҳарчӣ бошад марди нодонро писанд
هرچه باشد مرد نادان را پسند
Марди доноро буд он таҳтаи банд
مرد دانا را بود آن تخته بند
наменадонам то писанд ӯ чаҳ буд
می ندانم تا پسند او چه بود
То азон тавба кунам дар ҳоли зуд
تا ازآن توبه کنم در حال زود
Як ситоиши кони з ҷоҳил оядам
یک ستایش کان ز جاهل آیدم
Сад уқубати дон ки ҳосил оядам
صد عقوبت دان که حاصل آیدم
Гар марои аҳли дилӣ таҳсин кунад
گر مرا اهل دلی تحسین کند
Ҷумлаи шеърами дил ӯ дайн кунад
جملهٔ شعرم دل او دین کند
Гар ситоиши гӯии ман сад кас буд
گر ستایش گوی من صد کس بود
Завқи як соҳибдилам май бас буд
ذوق یک صاحبدلم می بس بود
Неи кӣми ман аҳли дайнро чанд азин
نی کیم من اهل دین را چند ازین
Нафас то кӣ дорадам дарбанди азин
نفس تا کی داردم دربند ازین
эй дариғо ҳарчӣ гуфтам ҳеҷ буд
ای دریغا هرچه گفتم هیچ بود
Дидаи кӯру роҳи пичопич буд
دیده کور و راه پیچاپیچ بود
Гар дамӣ будӣ сухани пзрФтнм
گر دمی بودی سخن پذرفتنم
Нестии пурвои чандини гуфтанам
نیستی پروای چندین گفتنم
Гар бҳзрти раҳ кушодан дорамӣ
گر بحضرت ره گشادن دارمی
Кӣ дили барҳам ниҳодан дорамӣ
کی دل برهم نهادن دارمی