Моҳи Рахш чу бинмуд , аз тарафи боми нимӣ

ماه رخش چو بنمود، از طرف بام نیمی

Аз шарми кост , то шуд моҳи тамоми нимӣ

از شرم کاست، تا شد ماه تمام نیمی

Гирам раҳо кунандам , мушкили расми баҷое

گیرم رها کنندم، مشکل رسم به جایی

Зини боли каши қафаси рехт , нимӣу доми нимӣ

زین بال کش قفس ریخت، نیمی و دام نیمی

Аз гарми хуии ишқ , вази сарди Меҳрии ҳасан ;

از گرم‌خویی عشق، وز سرد‌مهری حسن؛

Сӯзони кабоб дил монад , нимӣу хоми нимӣ

سوزان کباب دل ماند، نیمی و خام نیمی

Дорам з рӯйу мӯят , ранҷӣ ва , то наранҷӣ

دارم ز روی و مویت، رنجی و، تا نرنجی

Гӯям бсбҳи нимӣ , ночор ва , шоми нимӣ

گویم به صبح نیمی، ناچار و، شام نیمی

Зини ним ҷон ки дорам , чун нагузарам ки ёрам

زین نیم جان که دارم، چون نگذرم که یارم

Аз лутф бигузаранд бар лаби зиноами нимӣ

از لطف بگذراند بر لب ز نام نیمی

Чашми нигаҳи з ҳар як набӯд аз он ду чашмам

چشم نگه ز هر یک نبود از آن دو چشمم

Бас зон ду як нигоҳам , аз ҳар кадоми нимӣ

بس زان دو یک نگاهم، از هر کدام نیمی

То бихбр нагӯям ҳарфии зи мастии озар

تا بی‌خبر نگویم حرفی ز مستی آذر

Соқӣ диҳад чу ҷомам , резади зи ҷоми нимӣ !

ساقی دهد چو جامم، ریزد ز جام نیمی!