Ғамат , ки ғайри маниш бо кас ошноӣ нест
غمت، که غیر منش با کس آشنایی نیست
Тугар ҷудои шӯй , ӯро змн ҷудоӣ нест
تو گر جدا شوی، او را زمن جدایی نیست
Хушам ки ғайр , туро дӯш менамӯд бмн ;
خوشم که غیر، تو را دوش مینمود بمن؛
Гумонаши инки туро бо ман ошноӣ нест !
گمانش اینکه تو را با من آشنایی نیست!
Чу рафтӣ аз сари болини ман , дигар зи туам
چو رفتی از سر بالین من، دگر ز توام
Ҷузи ин умед ки сӯии мазорам ое нест
جز این امید که سوی مزارم آیی نیست
Хуши онкии ғайри бмни ранҷиши ту чун бинад
خوش آنکه غیر بمن رنجش تو چون بیند
з ноз донад ва гуяд : з биўФоӣӣ нест
ز ناز داند و گوید: ز بیوفائی نیست
Биё ки бе маи рӯят ба кулбаи озар
بیا که بی مه رویت به کلبهٔ آذر
Агар шабаст , вагар рӯз равшаноӣ нест
اگر شب است، وگر روز روشنایی نیست