Нахусти кош дар хонақоҳ май бастанд

نخست کاش در خانقاه می بستند

Ки шайх шаҳр надонад ки суфиёни мустанад

که شیخ شهر نداند که صوفیان مستند

Сабои зи ман бҳриФони зердасти озор

صبا ز من بحریفان زیردست آزار

Бигӯ ки : коркунони фалак , зибардастанд

بگو که: کارکنان فلک، زبردستند

Ҷудои зи базми ту мардум , хилофи он ёрон

جدا ز بزم تو مردم، خلاف آن یاران

Ки дар ҷудои ҳам , сабр май тавонистанд

که در جدایی هم، صبر می توانستند

Куҷо равост ки дилҳои дӯстони шиканӣ ? !

کجا رواست که دلهای دوستان شکنی؟!

Бойени гуноҳ ки бастанди аҳд ва нашикастанд !

باین گناه که بستند عهد و نشکستند!

Буд бҳшри ҷузи озари ҳазор куштаи ту ро

بود بحشر جز آذر هزار کشته تو را

Гар аз ту ӯ накунад шиква , дигарон ҳастанд !

گر از تو او نکند شکوه، دیگران هستند!