БФрмони ҳуҷҷоҷи шӯридаи бахт

بفرمان حجاج شوریده بخت

Ки будаш забони талху гуфтори сахт

که بودش زبان تلخ و گفتار سخت

Нишонданд бар нтъи фавҷии асир

نشاندند بر نطع فوجی اسیر

Бигуфташ яке зи он миёни к-эии амир

بگفتش یکی ز آن میان کای امیر

Яке рӯз дар маҷлиси расатон

یکی روز در مجلس راستان

Ҳаме зад зи ту ҳар касе достон

همی زد ز تو هر کسی داستان

Касе хост науммат бзштии барад

کسی خواست نامت بزشتی برد

Миннат парда нагузоштам бар дард

منت پرده نگذاشتم بر درد

Раҳои даҳ имрӯзам аз зери теғ

رهایی ده امروزم از زیر تیغ

МФрмоӣ дар ҳқгзории дареғ

مفرمای در حقگزاری دریغ

Аз он бенавои бикси бигноаҳ

از آن بینوا بیکس بیگناه

Талаб кард ҳуҷҷоҷи золими гувоҳ

طلب کرد حجاج ظالم گواه

Бигуфташ : яке зон асирони маро

بگفتش: یکی زان اسیران مرا

Гувоҳаст аз он пресс ва ин моҷаро

گواه است از آن پرس و این ماجرا

Напушед чашм аз ҳақи Ни мард низ

نپوشید چشم از حق ن مرد نیز

Чунин гуфт дар зери шамшери тез

چنین گفت در زیر شمشیر تیز

Ки : оре дар он рӯзи ин ҳақи параст

که : آری در آن روز این حق پرست

зи некии забони бидонадяши баст

ز نیکی زبان بداندیش بست

Хурӯшед каз бими ин растхез

خروشید کز بیم این رستخیز

Накардӣ чаро манъи бдгўи ту низ ? !

نکردی چرا منع بدگو تو نیز؟!

Бпосх чунин гуфт он бигноаҳ

بپاسخ چنین گفت آن بیگناه

Ки : эй аз ҷафои ту рӯзами сиёҳ

که: ای از جفای تو روزم سیاه

На ҷой итобаст бо ман ту ро

نه جای عتاب است با من تو را

Ки будам ман он рӯзи душмани ту ро

که بودم من آن روز دشمن تو را

зи хуии туам чун набӯд эминӣ

ز خوی توام چون نبود ایمنی

Шигифтат наёяд зи ман душманӣ !

شگفتت نیاید ز من دشمنی!

зи зулмат , худо дар назари доштам

ز ظلمت، خدا در نظر داشتم

Аз имрӯз гуё хабари доштам !

از امروز گویا خبر داشتم!

Чу ин ҳарф башнавад аз он тнгдл

چو این حرف بشنود از آن تنگدل

Бар он ҳар ду бхшўди он сангдил

بر آن هر دو بخشود آن سنگدل

Бигуфто : ба эшон мадоред кор

بگفتا: به ایشان مدارید کار

Ки ин рост гӯйаст ва он дӯстдор !

که این راست گویست و آن دوستدار!

Ҳам аз ростӣ растгорӣ расад

هم از راستی رستگاری رسد

Ҳам аз дӯстӣ дӯстдорӣ расад ! !

هم از دوستی دوستداری رسد!!