Дӯш дар гардани шаби ақд сурайё дидам
دوش در گردن شب عقد ثریا دیدم
Наварӯсони фалакро ба тамошо дидам
نوعروسان فلک را به تماشا دیدم
Ронда будам ҳамаи шаби гирди завоёии фалак
رانده بودم همه شب گرد زوایای فلک
Моҳро дар фалаки ақд сурайё дидам
ماه را در فلک عقد ثریا دیدم
Буд оварда ғаввоси шаб аз қулзуми ғайб
بود آوردۀ غواص شب از قلزم غیب
Ҳар ҷавоҳир ки дарин қубба мино дидам
هر جواهر که درین قبۀ مینا دیدم
Неки фархундаи маӣ буд зи шохи тӯбо
نیک فرخنده مهی بود ز شاخ طوبی
Ҳар шукуфа ки дарин қубба хзро дидам
هر شکوفه که درین قبۀ خضرا دیدم
Тези поёни тахайюл , ки сабк май рафтанд
تیز پایان تخیل ، که سبک می رفتند
Ҳамаро дар ҳрси олам боло дидам
همه را در حرس عالم بالا دیدم
Ҳайдари разми фалакро , ки насаб миррӣхаст
حیدر رزم فلک را ، که نسب مریخست
Ошиқи шефтаи Зуҳра Заҳро дидам
عاشق شیفتۀ زهرۀ زهرا دیدم
Сайли ашкам ки чу зад мавҷи з гардун бигузашт
سیل اشکم که چو زد موج ز گردون بگذشت
Чашмае буд ки пари об мусаффо дидам
چشمه ای بود که پر آب مصفا دیدم
То кунад бар сари хуршеди саҳари гоҳи нисор
تا کند بر سر خورشید سحر گاه نثار
Домани чархи пар аз лؤи лؤ лоло дидам
دامن چرخ پر از لؤ لؤ لالا دیدم
Ин ғазали Зуҳра адо кард магари хуррам буд
این غزل زهره ادا کرد مگر خرم بود
Ки шафақ дар рақамаши мсФӣ саҳбо дидам ?
که شفق در رقمش مصفی صهبا دیدم ؟