Меҳргон омад ба ойини Фаридуну Қубод
مهرگان آمد به آیینِ فریدون و قُباد
Вази Фаридуну Қубод андарзҳо дорад ба ёд
وز فریدون و قباد اندرزها دارد به یاد
Гуяд эй фарзанди Эрони ростгӯе пеша кун
گوید ای فرزندِ ایران راستگویی پیشه کن
Пешаи Эрони чунин буд аз замони пишдод
پیشهٔ ایران چنین بود از زمان پیشداد
Дар чунин рӯзи гиромии ҳадя Эй омад зи ҳинд
در چنین روزِ گرامی هدیهای آمد ز هند
Ҳадя эй олии зи сӯии порсии зодони род
هدیهای عالی ز سوی پارسیزادانِ راد
Турфа тандисӣ фиристоданд аз Ҳиндӯстон
طرفه تندیسی فرستادند از هندوستان
Зон ҳакими поки аслу шоири деҳқони нажод
زان حکیمِ پاکاصل و شاعرِ دهقاننژاد
Насби гашти ӣнҷо ба амри хусрави Эрони замин
نصب گشت اینجا به امر خسرو ایرانزمین
Рӯзи иди меҳргон , ҷашни Фаридуну Қубод
روز عید مهرگان، جشن فریدون و قباد
*
*
*
*
эй ҳакими номӣ эй Фирдавсии сҳроФрин
ای حکیمِ نامی ای فردوسیِ سِحرآفرین
эй ба ҳар фан дар сухан чун марди як фани Авестоад
ای به هر فن در سخن چون مرد یک فن اوستاد
Шӯри эҳёии ватангар дар дил пакет набӯд
شور احیای وطن گر در دلِ پاکت نبود
Рафта буд аз тарк ва тозӣ ҳастӣ Эрон ба бод
رفته بود از تُرک و تازی هستیِ ایران به باد
Халқӣ аз нав зинда кардӣ , мулкӣ аз нави сохтӣ
خلقی از نو زنده کردی، مُلکی از نو ساختی
Олимӣ обод кардӣ хонаи ?ути ободи бод
عالمی آباد کردی خانهات آباد باد
Нест ғамгар ҳурматати аҳл замон нашнохтанд
نیست غم گر حرمتت اهل زمان نشناختند
Ҳар ҳунармандӣ ба асри хеши маҳрӯми аўФтод
هر هنرمندی به عصر خویش محروم اوفتاد
Рӯҳу овои ту дар гуфтори некат зинда аст
روح و آوای تو در گفتار نیکت زنده است
Рӯҳи бадхоҳи ту дар сарпанҷаи ҷаҳлу ъинод
روح بدخواه تو در سرپنجهٔ جهل و عناد
Ғазнавӣ гар кард хабтии паҳлавӣ ҷуброн намӯд
غزنوی گر کرد خَبطی پهلوی جبران نمود
Он шаҳ ар бедод фармуд ин шҳншаҳ дод дод
آن شَه ار بیداد فرمود این شَهَنشَه داد داد
Ин замони садри аҷал дар ҳалқаи аъёни малик
این زمان صدر اجل در حلقهٔ اعیان ملک
Насби тандиси туро дар ин макони бозуи кушод
نصبِ تندیس تو را در این مکان بازو گشاد
Парда бигирифтанд рӯзи меҳргон аз рӯй ту
پرده بگرفتند روز مهرگان از روی تو
Хотири ношод Эронӣ шуд аз рӯй ту шод
خاطر ناشاد ایرانی شد از روی تو شاد
Хонд дар майдони Фирдавсии баҳори ин чома ро
خواند در میدان فردوسی بهار این چامه را
Пас бар тандиси Фирдавсӣ ба таъзими истод
پس برِ تندیس فردوسی به تعظیم ایستاد
То ҷаҳони боқии сети боқии боди Эрони бузург
تا جهان باقیست باقی باد ایران بزرگ
Дӯстонаши комёбу душманонаши номурод
دوستانش کامیاب و دشمنانش نامراد
Шоҳи Эрони номҷўӣу халқи Эрони комҷўӣ
شاه ایران نامجوی و خلق ایران کامجوی
Фари яздоне дар ӯ боқии алиٰи явми алмъод
فرّ یزدانی در او باقی اِلیٰ یوم المَعاد