Хомшии ҷустам ки ҳосиди мурдаи пиндоради маро
خامشی جُستم که حاسد مرده پندارد مرا
Вази сари ршгу ҳсдкмтри бёзорди маро
وز سر رشگ و حسدکمتر بیازارد مرا
Зиндаи дргўри сукутами ман , магари зини бештар
زنده درگور سکوتم من، مگر زین بیشتر
Рӯзгори мурдапарвар хор нишморад маро
روزگار مردهپرور خوار نشمارد مرا
Мардумон аз чашм бад тарсанд ва ман аз чашми хуб
مردمان از چشم بد ترسند و من از چشم خوب
Ҳақи зи чашми хуб мҳрўён нигаҳдорд маро
حق ز چشم خوب مهرویان نگهدارد مرا
Мрки шоири зиндагии бахш хаёл ӯст кош
مرگ شاعر زندگیبخش خیال اوست کاش
Ин хамӯшӣ дар шумори мурдагони оради маро
این خموشی در شمار مردگان آرد مرا
Синаам зоаҳи паёпай чок шуд , кӯи он табиб
سینهام زآه پیاپی چاک شد، کو آن طبیب
Каз тшФии марҳамӣ бар синаи бигузоради маро
کز تشفی مرهمی بر سینه بگذارد مرا
То магар таъсир бахшад нолаҳои зори ман
تا مگر تأثیر بخشد نالههای زار من
Орзӯии марги ҳолеи баста лаб дорад маро
آرزوی مرگ حالی بستهلب دارد مرا
Шуд умед аз шаш ҷиҳати мақтӯъ ва навмидӣ расед
شد امید از شش جهت مقطوع و نومیدی رسید
Бӯ ки навмидӣ ба даст марг бисипорад маро
بو که نومیدی به دست مرگ بسپارد مرا