Ҳила ҳо созад дар кори ман он тарки писар

حیله‌ها سازد در کار من آن ترک پسر

То дили хеш ба ӯ боздиҳами бор дигар

تا دل خویش به او بازدهم بار دگر

Гуҳи фурӯи резад бар лолатар машки сиёҳ

گه فرو ریزد بر لالهٔ تر مشک سیاه

Гуҳ биорояд машки сияҳ аз лола тар

گه بیاراید مشک سیه از لالهٔ تر

Чун маро бинад дуздидаи сӯй ман накард

چون مرا بیند دزدیده سوی من نکرد

Ман надонам чаҳ кунам ёрб азин дузди нигар

من ندانم چه کنم یارب ازین دزد نگر

Тарки ман ҳила басӣ донад дар бурдани дил

ترک من حیله بسی داند در بردن دل

Дошт бояд дил аз ҳилаи таркон ба ҳазар

داشت باید دل از حیلهٔ ترکان به حذر

Дили азин таркон баргир ки ин санги дилон

دل ازین ترکان برگیر که این سنگ‌دلان

Ҳама найранг тарозанду ҳамаи афсунгар

همه نیرنگ طرازند و همه افسونگر

Чун зи дасти ту дили ту брбўднд ба зарқ

چون ز دست تو دل تو بربودند به زرق

зи ту ҷон ту рубойанд ба афсун дигар

ز تو جان تو ربایند به افسون دگر

Ҳбзои кишвари рай ва он ҳамаи хубон ки дараваст

حبذا کشور ری و آن‌همه خوبان که دروست

Ки ҳама ҳур нажоданду ҳамаи моҳи писар

که همه حور نژادند و همه ماه پسر

Ба сухан гуфтан моҳанд чўгўбнди сухан

به سخن گفتن ماهند چوگوبند سخن

Ба камар бастан сарванд чу банданд камар

به کمر بستن سروند چو بندند کمر

Андари он кишвари ҷуз рӯй накӯи ҳеҷ мҷўӣ

اندر آن کشور جز روی نکو هیچ مجوی

Каз нкўрўӣӣ оростаанд он кишвар

کز نکوروئی آراسته‌اند آن کشور

Ҳеҷ дар эшон ойини дил ороӣ нест

هیچ در ایشان آئین دل‌آرایی نیست

Дар дабистони магари ин дарс накарданд зибр

در دبستان مگر این درس نکردند زبر

Биҳдаҳ нест ки аз ман брбўднди он дил

بیهده نیست که از من بربودند آن دل

Ки ниҳони доштам аз ҳамлаи таркони зи назар

که نهان داشتم از حمله ترکان ز نظر

Длкӣ ҳаст марои венаи ҳамаи дилбар дар пеш

دلکی هست مرا وین همه دلبر در پیش

Натавон додан як дил , ба ҳазорон дилбар

نتوان دادن یک دل‌، به هزاران دلبر

Ба бутӣ додам он дил ки маро буд ба даст

به بتی دادم آن دل که مرا بود به دست

эй дариғо ки маро нест ҷузи ин дили дигар

ای دریغا که مرا نیست جز این دل دیگر

Ваон бути ман сӯии рай рахт фурӯбаст ва бирафт

وان بت‌ من سوی ری رخت فروبست و برفت

Ман чунин мондам бедил ба хуросони андар

من چنین ماندم بی‌دل به خراسان اندر

Нест кас то чу дили хубаш дилӣ хоҳам азу

نیست کس تا چو دل‌ خوبش دلی خواهم ازو

Дили фурӯширо бозор бибастанд магар

دل فروشی را بازار ببستند مگر

Рӯз аз ин ҳасрат то шом нишинам ғамгин

روز از این حسرت تا شام نشینم غمگین

Шом азинанда то боми шуморами ахтар

شام ازین انده تا بام شمارم اختر

Гар наёсоед аз ҳасрату андӯҳ , равост

گر نیاساید از حسرت و اندوه‌، رواست

Ҳркро нест чу ман аз дилу дилдори хабар

هرکرا نیست چو من از دل و دلدار خبر

Хониш
шморҳ 67 — ъндлӣб