Аз доғи ғамати ҷоно ! май сӯзам ва май созам

از داغ غمت جانا! می‌سوزم و می‌سازم

Чун шамъи зи сар то по , май сӯзам ва май созам *

چون شمع ز سر تا پا، می‌سوزم و می‌سازم‌*

Аз зиштии бдхўёни вази ҷаври нкўрўён

از زشتی بدخویان وز جور نکورویان

Гуҳи зишту гуҳии зебо май сӯзам ва май созам

گه زشت و گهی زیبا می‌سوزم و می‌سازم

Дарвеши зи дарвешӣ , шоҳ аз тамаъи бешӣ

درویش ز درویشی، شاه از طمع بیشی

Лекини ман аз истиғно , май сӯзам ва май созам

لیکن من از استغنا، می‌سوزم و می‌سازم

Сурх аз туфи ишқами дил , зард аз ғами ёрами рух

سرخ از تف عشقم دل‌، زرد از غم یارم رخ

Доим чу гули раъно , май сӯзам ва май созам

دایم چو گل رعنا، می سوزم و می‌سازم

Чун ҳизуми нағзами ман , ёрони ҳаматар доман

چون هیزم نغزم من، یاران همه تر دامن

Дар миҷмар аз он танҳо , май сӯзам ва май созам

در مجمر از آن تنها، می‌سوزم و می‌سازم

Ҳосиди зи ҳасади сӯзад , бадхоҳи зи бадхоҳӣ

حاسد ز حسد سوزد، بدخواه ز بدخواهی

Ман зи аблаҳии онҳо , май сӯзам ва май созам

من ز ابلهی آنها، می‌سوزم و می‌سازم

Нурӣаст маро дар дил , нористи маро дар сар

نوریست مرا در دل‌، ناریست مرا در سر

Зпн ҳар ду чароғи осо , май сӯзам ва май созам

زپن هر دو چراغ‌آسا، می‌سوزم و می‌سازم

Бо ашки равон чун шамъ , барбаста лаб аз шиква

با اشک روان چون شمع، بربسته لب از شکوه

Мардонау побарҷо , май сӯзам ва май созам

مردانه و پابرجا، می‌سوزم و می‌سازم

Дили коргаҳии пурҷӯш , ду риштаи лаби хомӯш

دل کارگهی پرجوش، دو رشتهٔ لب خاموش

Пӯшидау нопидо , май сӯзам ва май созам

پوشیده و ناپیدا، می‌سوزم و می‌سازم

Бастами зшкоити лаб , взтн нагушӯд ин таб

بستم زشکایت لب، وزتن نگشود این تب

Чаҳ хомаш ва чаҳ гуё , май сӯзам ва май созам

چه خامش و چه گویا، می‌سوزم و می‌سازم

Доғӣ ки ниҳон дорам , ирс аз падарон дорам

داغی که نهان دارم، ارث از پدران دارم

Ман эй писар ! аз обо , май сӯзам ва май созам

من ای پسر! از آبا، می‌سوزم و می‌سازم

Аз одаму ҳаввои зод , ин шуъла бе фарёд

از آدم و حوا زاد، این شعلهٔ بی‌فریاد

Ман зи одам ва аз ҳавво , май сӯзам ва май созам

من ز آدم و از حوا، می‌سوزم و می‌سازم

Аз хулд ба роҳ оварад , анбоз манаст ин дард

از خلد به راه آورد، انباز منست این درد

То пои нкшми зи ӣнҷо , май сӯзам ва май созам

تا پا نکشم ز اینجا، می‌سوزم و می‌سازم

Мурғӣаст равони ман , афтода ба доми тан

مرغیست روان من‌، افتاده به دام تن

Дар домгаҳи аъзо , май сӯзам ва май созам

در دامگه اعضا، می‌سوزم و می‌سازم

ё раб бипазир аз ман , венаи дарди мгир аз ман

یا رب بپذیر از من، وین درد مگیر از من

Пайваста раҳо кун то май сӯзам ва май созам

پیوسته رها کن تا می‌سوزم و می‌سازم

Зон кофт бедардӣ , аз кӯрдилии хезад

زان کافت بی‌دردی، از کوردلی خیزد

Бо чашму дили бино , май сӯзам ва май созам

با چشم و دل بینا، می‌سوزم و می‌سازم

Дерӣаст ки беморам , баси машғала ҳо дорам

دیریست که بیمارم، بس مشغله‌ها دارم

Вази ҳасрати астшФо , май сӯзам ва май созам

وز حسرت استشفا، می‌سوزم و می‌سازم

Шуд ҷисми баҳор аз таб , конӯни бало , ёрб !

شد جسم بهار از تب، کانون بلا، یارب!

Сахтаст ғамам аммо , май сӯзам ва май созам

سختست غمم اما، می‌سوزم و می‌سازم

Хониш
шморҳ 78 — ъндлӣб