Шуд сияҳи пӯш аз ғами марги сабои бдролмлўк

شد سیه‌پوش از غم مرگ صبا بدرالملوک

Зини мусӣбати миллати исломи қрмзпўши бод

زین مصیبت ملت اسلام قرمزپوش باد

Кард бо некони ситеза то ки шуд ҳамдӯши марг

کرد با نیکان ستیزه‌ تا که شد همدوش مرگ

Ҳарки бо некони ситезад бо аҷали ҳамдӯши бод

هرکه با نیکان ستیزد با اجل همدوش باد

Айб покон кард то хомӯши гашт ӯро забон

عیب پاکان کرد تا خاموش گشت او را زبان

Ҳар забони кови айб покон мекунад хомӯши бод

هر زبان کاو عیب پاکان می کند خاموش باد

Ҳаркии бори дӯши миллати гашт монанди сабо

هرکه بار دوش ملت گشت مانند صبا

Бори наъшаши раҳравони маргро бар дӯши бод

بار نعشش رهروان مرگ را بر دوش باد

Бадсиголи малику миллат буд аз он манфӯр шуд

بدسگال ملک و ملت بود از آن منفور شد

Бадсиголонро садои марг ӯ дргўши бод

بدسگالان را صدای مرگ او درگوش باد

Нафрати миллӣ намоён шуд ба пои наъш ӯ

نفرت ملی ‌نمایان شد به پای نعش او

Бар сари ин моҷаро эй дӯстони сарпӯши бод

بر سر این ماجرا ای دوستان سرپوش باد

Путк нафрат хӯрд зеро сиккаи мағшуш буд

پتک نفرت خورد زیرا سکه ‌مغشوش بود

Путки нафрат бар сар ҳар сиккаи мағшуши бод

پتک نفرت بر سر هر سکه مغشوش باد

Баҳри таърихаш рақам зад калаки мишкӣни баҳор

بهر تاریخش رقم زد کلک مشکین بهار

Аз қафои бадсиголони оби роҳати нӯши бод

از قفای بدسگالان آب راحت نوش باد

Хониш
шморҳ 42 - внӣз — ъндлӣб