Ваа ки ишқӣ дар сабоҳи зиндагӣ
وه که عشقی در صباح زندگی
Аз хаданги душман шбрў бамурд
از خدنگ دشمن شبرو بمرد
Пуртӯй буд азФрўғи орзӯ
پرتوی بود از فروغ آرزو
Он фурӯғи афсаради вон партав бамурд
آن فروغ افسرد و آن پرتو بمرد
Шоирии нўбўди вшърши низнў
شاعری نو بود و شعرش نیز نو
Шоир нав рафту шеър нав бамурд
شاعر نو رفت و شعر نو بمرد
Хониш