Дошт исрори шавҳари нодон

داشت اصرار شوهر نادان

Ки шавад зани мтоўъи виҷдон

که شود زن مطاوع وجدان

Рухи напушади зи марди бегона

رخ نپوشد ز مرد بیگانه

Хосса зон навҷавони фарзона

خاصه زان نوجوان فرزانه

Зан азин гуфта ҳоксл ме шуд

زن ازین گفته‌هاکسل می‌شد

Қаҳр мекарду танг дил ме шуд

قهر می کرد و تنگ‌دل می‌شد

Ба ҳазар буд азони тариқаи шӯй

به حذر بود ازآن طریقه شوی

Ва бжаҳ аз он рафиқи тозаи ӯй

و‌بژه از آن رفیق تازهٔ اوی

Содаи дил ҳарчӣ беш ме кушед

ساده‌دل هرچه بیش می‌کوشید

Зани рух аз ғайр беш май пӯшед

زن رخ از غیر بیش می‌پوشید