Пажӯҳандагиро сипедаи дмон

پژوهندگی را سپیده‌دمان

Фиришта ба хок омад аз осмон

فرشته به خاک آمد از آسمان

Бдонгаҳ ки мардум ба хоб андар аст

بدانگه که‌مردم به خواب اندر است

Дили деви римн ба тоб андар аст

دل دیو ریمن به تاب اندر است

Бдонгаҳ ки яксар ғунудааст ҳуш

بدانگه که یکسر غنوده است هوش

Кушода дар дил ба рӯй сурӯш

گشاده در دل به روی سروش

Фиришта даромад чароғӣ ба мушт

فرشته درآمد چراغی به مشت

Равон шуд ба дъўтгаҳи зрдҳшт

روان شد به دعوتگه زردهشت

Ба Эрони замин ҷустан андар гирифт

به ایران زمین جستن اندر گرفت

Пажӯҳидан ҳар дилӣ сар гирифт

پژوهیدن هر دلی سر گرفت

Ҳрони дил ки девон дар он хуфта дид

هرآن دل که دیوان در آن خفته دید

Фиришта аз онҷои дами дркшид

فرشته از آنجای دم درکشید

Ба ҳар дил ки бади пок , куштан гирифт

به هر دل که‌بد پاک‌، کشتن گرفت

Дар он ҳарчӣ дид он нбштн гирифт

در آن هرچه دید آن نبشتن گرفت

Аз он ӣяш кин тираи паҳнои хок

از آن ییش کاین تیره پهنای خاک

Шавад чун дили порсои тобнок

شود چون دل پارسا تابناک

Аз он пеш каз қаъри дрбои қор

از آن پیش کز قعر دربای قار

Кашад дев , хамёзаи нобакор

کشد دیو، خمیازهٔ نابکار

Сӯй осмон шуд сурӯши баланд

سوی آسمان شد سروش بلند

Бадасти андараши номае дилписанд

بدست اندرش نامه‌ای دلپسند

з ҳар дил дар он достонӣ зада

ز هر دل در آن داستانی زده

Фириштаи барони тарҷумонӣ шуда

فرشته برآن ترجمانی شده

Ба ҳар дил дигар нақш , дидор буд

به هر دل دگر نقش‌، دیدار بود

Ба ҳар нақши рангӣ дигар ёр буд

به هر نقش رنگی دگر یار بود

Биҷузи ёди Фирдавсии поки рой

بجز یاد فردوسی پاک‌رای

Ки дар ҳар дилӣ дошт нақшии биҷой

که در هر دلی داشت نقشی بجای