Чу мард бошад бар кор ва бахт бошад ёр
چو مرد باشد بر کار و بخت باشد یار
зи хоки тираи намояд ба халқи зари айёр
ز خاک تیره نماید به خلق زر عیار
Фалак ба чашм бузургӣ кунад нигоҳ дар онк
فلک به چشمِ بزرگی کند نگاه در آنک
Баҳона ҳеҷ наёрад зи баҳри хурдии кор
بهانه هیچ نیارد ز بهرِ خردیِ کار
Савор каш набӯд ёри асби роҳи сипар
سوار کش نبود یار اسبِ راه سپر
Басари даройад ва гардад асири бахти савор
بسر درآید و گردد اسیر بخت سوار
Ба қоби қавсин онро баради худоӣ ки ӯ
به قابِ قوسین آن را برد خدای که او
Сабки шуморад дар чашми хеши ваҳшати ғор ( )
سبک شمارد در چشمِ خویش وحشتِ غار ()
Бузург бош ва машав тнгдли зи хурдии кор
بزرگ باش و مشو تنگدل ز خردیِ کار
Ки сол то соли оради гулии замонаи зи хор
که سال تا سال آرد گلی زمانه ز خار
Баланди ҳснии дони давлат ва дараш муҳкам
بلند حصنی دان دولت و درش محکم
Ба Авни кӯшиш бар дараш мард ёбад бор
به عون کوشش بر درش مرد یابد بار
з ҳар ки ояд кории дарави падед буд
ز هر که آید کاری درو پدید بود
Чунон каз оинаи пайдо буд турои дидор
چنان کز آینه پیدا بود ترا دیدار
Пагоҳ хостн ояд нишони марди дарав
پگاه خاستن آید نشان مرد درو
Ки рӯзи абрҳмии боз ба расад ба шикор
که روزِ ابرهمی باز به رسد به شکار
Шаробу хобу рубобу кабобу тарау нон
شراب و خواب و رباب و کباب و تره و نان
Ҳазор кох фузун кард бо замии ҳамвор
هزار کاخ فزون کرد با زَمی هموار
Чу базми хусрав ва он разм вай бидида буи
چو بزمِ خسرو و آن رزمِ وی بدیده بوی
Нишоту нусраташи афзӯнтар аз шумори шумор
نشاط و نصرتش افزونتر از شمار شمار
Ҳмонкаҳ дошт бародаратро бар он тхлит
همانکه داشت برادرت را بر آن تخلیط
Ҳамӯ бибаст бародаратро ба сад мсмор
همو ببست برادرت را به صد مسمار
Чу рӯз мард шавад тирау бигардади бахт
چو روزِ مرد شود تیره و بگردد بخت
Ҳамӯ бад омад худ бинад аз ба омад кор
همو بد آمد خود بیند از به آمد کار
Накард ҳаргизи кас бар фиребу ҳиялати суд
نکرد هرگز کس بر فریب و حیلت سود
Магари Калилау Димнаи нахондае даҳ бор ?
مگر کلیله و دمنه نخواندهای ده بار؟
Чу раъии олӣ чунон савоб дид ки боз
چو رأیِ عالی چونان صواب دید که باز
з Балх ояду мари маликро занад паргор
ز بلخ آید و مر ملک را زند پرگار
Бшҳри ғазнӣн аз мард ва зан набӯд ду тан
بشهر غزنین از مرد و زن نبود دو تن
Ки як замон буд аз хамри шавқ ӯ ҳушёр
که یک زمان بود از خمرِ شوقِ او هشیار
Ниҳодаи мардуми ғазнӣни ду чашму гӯши бароа
نهاده مردم غزنین دو چشم و گوش براه
зи баҳр дидан он чеҳра чу гули ббҳор
ز بهر دیدنِ آن چهره چو گل ببهار
Дарин тафаккур буданд коФтоби мулӯк
درین تفکّر بودند کافتابِ ملوک
Шуъоъ талъат кард аз сипеҳри маҳди изҳор
شعاعِ طلعت کرد از سپهرِ مهد اظهار
Бидор малик даромад басони ҷаду падар
بدارِ ملک درآمد بسان جدّ و پدر
Бкоми хеши расида , з шукр карда шиор
بکامِ خویش رسیده، ز شکر کرده شعار
Аз он сипас ки ҷаҳони сари басари мар ӯро шуд
از آن سپس که جهان سر بسر مر او را شد
На онкии гашти бхўни бинӣ касе аФгор
نه آنکه گشت بخون بینیِ کسی افگار
Бзод ва буд ватан кард , зи анкаҳ чун хоҳад
بزاد و بود وطن کرد، ز انکه چون خواهد
Ки қатра дар гардад ояд ӯ басӯии баҳор
که قطره دُر گردد آید او بسویِ بحار
зи баҳри ҷунбиши гирд , ҷаҳони баромади шоҳ
ز بهرِ جنبش گرد، جهان برآمد شاه
На зи онкӣ тоаш чу шоҳон кунанд сими нисор
نه ز آنکه تاش چو شاهان کنند سیم نثار
Хдоигон фалакаст ва нагуфт кас ки фалак
خدایگان فلک است و نگفت کس که فلک
Макон дигар дорад каши андрўсти мадор
مکانِ دیگر دارد کش اندروست مدار
Аё муваффақ бар хусравӣ ки дайри зӣе
ایا موفق بر خسروی که دیر زییی
Бшкр неъмат зояд зи хизматат бисёр
بشکر نعمت زاید ز خدمتت بسیار
Аз он қабл ки турои эзади офариди бхок
از آن قبلِ که ترا ایزد آفرید بخاک
зи чокарон заминаст гунбади даввор
ز چاکرانِ زمینِ است گنبدِ دوّار
Бар он умед ки бар хоки пот бӯса диҳад
بر آن امید که بر خاکِ پات بوسه دهد
Басӯии чархи баради боди солу моҳ , ғубор
بسویِ چرخ برد باد سال و ماه، غبار
Дирам рибоед теғи ту зонаш дар сари хасм
درم رباید تیغِ تو زانش در سرِ خصم
Кунӣ бзндони вази мағз ӯ даҳяш зуввор
کنی بزندان وز مغزِ او دهیش زوار
Агар надидӣ кӯҳии бгшт бар як хишт
اگر ندیدی کوهی بگشت بر یک خشت
Яке ду чашм бар он роҳвори хеши гумор
یکی دو چشم بر آن راهوارِ خویش گمار
Шитобро чу кунад пер дар вараъи рағбат
شتاب را چو کند پیر در ورع رغبت
Дирангро чу кунад бар гунаҳи ҷавони исрор
درنگ را چو کند بر گنه جوان اصرار
На одамӣаст магари лашкари ту хайл қазост
نه آدمی است مگر لشکرِ تو خیلِ قضاست
Ки бозашон натавон дошт бар дару девор
که بازشان نتوان داشت بر در و دیوار
Наузи биллоҳ агар зон яке шавад мисла
نَعُوذُ بِاللّه اگر زان یکی شود مُثله
зи ҳирси ҳамла буд ҳамчуи ҷаъфари тайёр
ز حرصِ حمله بود همچو جعفرِ طیّار
Бидон замон ки чу мижаи бмжаҳ аз паии хоб
بدان زمان که چو مژّه بمژّه از پیِ خواب
Дар аўФтнд ба найзаи ду лашкари ҷаррор
در اوفتند به نیزه دو لشکر جرّار
зи баси рукӯъу суҷуди ҳисоми гўӣии ту
ز بس رکوع و سجودِ حسام گوئی تو
Ҳавои магар ки ҳамеи бандади оҳанӣни дастор
هوا مگر که همی بندد آهنین دستار
зи каркасони замини каркасон гардун ронад
ز کرکسانِ زمین کرکسان گردون راند
зи зини асбон аз бас ки тан кунад эсор
ز زینِ اسبان از بس که تن کند ایثار
зи кФк асбон гашта кноғи бори ҳаво
ز کفکِ اسبان گشته کُناغ بار هوا
зи бонги мардон дар посухи омадаи ақтор
ز بانگِ مردان در پاسخ آمده اقطار
Яке дар онкӣ ҷигар гардад аз паии ҳамият
یکی در آنکه جگر گردد از پیِ حمیت
Яке дар онкӣ забон гардад аз паии зинҳор
یکی در آنکه زبان گردد از پیِ زنهار
Чунон бисозад бо ҳзми ту таҳаввури ту
چنان بسازد با حزم تو تهوّر تو
Чунонкии ромишро табъи мардум май хор
چنانکه رامش را طبع مردمِ می خوار
Фалак чу дид қарори ҷаҳонён бар ту
فلک چو دید قرارِ جهانیان بر تو
Қарор карду ҷаҳонат бтўъ кард иқрор
قرار کرد و جهانت بطوع کرد اقرار
зи фари ҷӯад ту шуд хор дар ҷаҳони зару сим
ز فرّ جود تو شد خوار در جهان زر و سیم
На хор гардад ҳар чиз кон шавад бисёр ?
نه خوار گردد هر چیز کان شود بسیار؟
Хдоигонои бурҳони ҳақи бадасти ту буд
خدایگانا برهانِ حق بدست تو بود
Агар чаҳ ботили як чанд чира шуд нҳмор
اگر چه باطل یک چند چیره شد نهمار
Наёяд осон аз ҳар касе ҷҳонбонӣ
نیاید آسان از هر کسی جهانبانی
Агар чаҳ мард буд чарби дасту зирак сор
اگر چه مرد بود چرب دست و زیرکسار
Наёяд он нафъ аз моҳ коед аз хуршед
نیاید آن نفع از ماه کاید از خورشید
Агар чаҳ манфиати моҳ низ бе миқдор
اگر چه منفعتِ ماه نیز بیمقدار
Бсрўрӣу амӣрии раияту лашкар
بسروری و امیری رعیّت و لشکر
Худоӣ , ъзу ҷл , гар диҳад мисоли табор
خدای، عزّ و جلّ، گر دهد مثال تبار
Ки Авестоад наёбӣ ба аз падари зи фалак
که اوستاد نیابی به از پدر ز فلک
Падар чаҳ кард ҳамон пеша кун блил ва наҳор
پدر چه کرد همان پیشه کن بلیل و نهار
Бидод кӯш ва бшб хусб эмин аз ҳамаи бад
بداد کوش و بشب خسب ایمن از همه بد
Ки марди бедод аз бими бад буд бедор
که مردِ بیداد از بیمِ بد بود بیدار
зи як падари ду писари неку бад аҷаб набӯд
ز یک پدر دو پسر نیک و بد عجب نبود
Ки аз дарахтии пайдо шудааст минбару дор
که از درختی پیدا شده است منبر و دار
Азизи он кас набӯд ки ту азиз кунӣ
عزیز آن کس نبود که تو عزیز کنی
зи баҳри онкии азизи ту зуд гардад хор
ز بهرِ آنکه عزیزِ تو زود گردد خوار
Азизи он кас бошад ки кирдигори ҷаҳон
عزیز آن کس باشد که کردگارِ جهان
Кунад азизаш бе сайри кавкаби сайёр
کند عزیزش بیسیرِ کوکبِ سیّار
На он буд ки ту хоҳии ҳамеу дории дӯст
نه آن بود که تو خواهی همی و داری دوست
Чаҳ он буд ки қазо кард эзади додар
چه آن بود که قضا کرد ایزدِ دادار
Климкӣ ки бдрё фиканд модар ӯ
کلیمکی که بدریا فکند مادرِ او
зи бими фиръавни он бади сиришти дил чун қор
ز بیم فرعون آن بد سرشتِ دل چون قارِ
На баркашидаш фиръавн аз обу зи шафқат
نه برکشیدش فرعون از آب و ز شفقت
Бик замон наниҳодаш ҳамеи фурӯи зи канор ?
بیک زمان ننهادش همی فرو ز کنار؟
Касе каш аз паии малики эзади офарӣда буд
کسی کش از پیِ ملک ایزد آفریده بود
зи чоҳ бар гоҳи орадаши бахти Юсуфи вор
ز چاه بر گاه آردش بخت یوسفوار
Мисли зананд крои сари бузурги дарди бузург
مثل زنند کرا سر بزرگ درد بزرگ
Мисли дуруст , хумор аз майаст ва май зи хумор
مثل درست، خمار از می است و می ز خمار
Гар устувори надории ҳадис осон аст
گر استوار نداری حدیث آسان است
Мдиҳ шоҳ бихону назир шоҳ биор
مدیحِ شاه بخوان و نظیرِ شاه بیار
Хдоигони ҷаҳони хусрави ҷаҳони масъӯд
خدایگانِ جهان خسروِ جهان مسعود
Ки шуд азизи бадви дайни Аҳмади мухтор
که شد عزیز بدو دین احمدِ مختار
з маҷд гуяд чун обид аз ифофи сухан
ز مجد گوید چون عابد از عفاف سخن
з зулм ҷӯяд чун ошиқ аз фироқи қарор
ز ظلم جوید چون عاشق از فراق قرار
Нигоҳ аз он накунад дар ситами расидаи нахуст
نگاه از آن نکند در ستم رسیده نخست
Ки то зи ҳишмат ӯ дрнмонд аз гуфтор
که تا ز حشمتِ او درنمانَد از گفتار
Ва зон наёрад бпсўд ҳар касе размаш
و زان نیارد بپسود هر کسی رزمش
Ки пӯсти мор бибояд Фгнд чун сари мор
که پوستِ مار بباید فگند چون سر مار
Бъқл монад каз илми сохт ганҷу сипоҳ
بعقل مانَد کز علم ساخت گنج و سپاه
Бъдл монад каз ҳалам кард қасру ҳисор
بعدل مانَد کز حلم کرد قصر و حصار
Агар падараши мар ӯро вилоят рай дод
اگر پدرش مر او را ولایتِ ری داد
зи меҳру шафқат буд он на аз сари озор
ز مهر و شفقت بود آن نه از سرِ آزار
Чу кард хоҳад мари бачаро мршҳ , шер
چو کرد خواهد مر بچه را مرشّح، شیر
зи марғзор на аз душманӣ кунадаш овор
ز مرغزار نه از دشمنی کندش آوار
Чу хост кардан аз худ турои ҷудои он шоҳ
چو خواست کردن از خود ترا جدا آن شاه
На сим дод ва на зар ва на зин на зин афзор
نه سیم داد و نه زرّ و نه زین نه زین افزار
На модару падар аз ҷумлаи ҳамаи писарон
نه مادر و پدر از جمله همه پسران
Насиби он писар афзӯн диҳад ки зор ва назор ?
نصیبِ آن پسر افزون دهد که زار و نزار؟
Аз онкӣ то бинмоед бхсрўони ҳунараш
از آنکه تا بنماید بخسروان هنرش
Накард бо ӯ чндонкаҳ дар хӯриши кирдор
نکرد با او چندانکه در خورش کردار
Чу бачаро кунад аз шери хеши модари боз
چو بچه را کند از شیرِ خویش مادر باز
Сиёҳ кардан пистон набошад аз пайкор
سیاه کردنِ پستان نباشد از پیکار
Бимолаш падаронаст болаши писарон
بمالشِ پدران است بالش پسران
Басар баридан шамъаст сарфарозии нор
بسر بریدنِ شمع است سرفرازیِ نار
Чу рости гашти ҷаҳон бар амири дайни Маҳмӯд
چو راست گشت جهان بر امیرِ دین محمود
зи сўмноти ҳамеи гир то дар булғор
ز سومنات همی گیر تا درِ بلغار
Ҷаҳонро чу Фаридун гирифт ва қисмат кард
جهان را چو فریدون گرفت و قسمت کرد
Ки шоҳи бад чу Фаридуни муваффақи андари кор
که شاه بد چو فریدون موفّق اندر کار
Чу малики ?дане дар чашми вай ҳақир намӯд
چو ملک دنیی در چشمِ وی حقیر نمود
Бсохти ҳиммат ӯ бо нишоти дори қарор
بساخت همّتِ او با نشاطِ دارِ قرار
Қиёматӣ дигар андари ҷаҳон падед омад
قیامتی دگر اندر جهان پدید آمد
Қиёмат ояд чун моҳ кам кунад рафтор
قیامت آید چون ماه کم کند رفتار
Аз онкӣ дошт чу ҷаду падар , малики масъӯд
از آنکه داشت چو جدّ و پدر، ملک مسعود
Ба теғу найзаи шуморӣ дар он ҳудӯду диёр
به تیغ و نیزه شماری در آن حدود و دیار
Чунонкӣ кард ҳамеи иқтизои сиёсати малик
چنانکه کرد همی اقتضا سیاستِ مُلک
Сҳо биҷои қамар буд чанд гоҳи мшор
سُها بجایِ قمر بود چند گاه مشار
Чу кори каъбаи малик ҷаҳон бидон омад
چو کارِ کعبه مُلکِ جهان بدان آمد
Ки боди ғифлати брбўди азуи ҳамеи астор
که بادِ غفلت بربود ازو همی استار
Хдоигони ҷаҳони мари намози нофила ро
خدایگانِ جهان مر نماز نافله را
Биҷой монад ва бибаст аз паии фаризаи азор
بجای ماند و ببست از پیِ فریضه ازار
Гусел кард расӯлии сӯии бародари хеш
گسیل کرد رسولی سویِ برادر خویش
Паём дод блтФ ва лутф намӯд ҳазор
پیام داد بلُطف و لَطَف نمود هزار
Ки дори малики турои ҷузи баном мо ноед
که دارِ ملک ترا جز بنام ما ناید
Тарози кисвати офоқу сиккаи динор
طَرازِ کسوتِ آفاق و سکّه دینار
Надошт суд аз он кина саодат ӯ
نداشت سود از آن کاینه سعادتِ او
Гирифта буд бгФтори ҳосидони зангор
گرفته بود بگفتارِ حاسدان زنگار
На бар газофи Сикандари бёдгори набшат
نه بر گزاف سکندر بیادگار نبشت
Ки асбу теғ ва зан омад се гонаи аздри дор
که اسب و تیغ و زن آمد سهگانه ازدرِ دار
Чу рояти шаҳи Мансур аз сипоҳони зуд
چو رایتِ شهِ منصور از سپاهان زود
Бсичи ҳазрат маъмур кард бар ҳанҷор
بسیچِ حضرت معمور کرد بر هنجار
зи гирди мавкиб , тобанда , рӯй хусрави аср
ز گردِ موکب، تابنده، رویِ خسروِ عصر
Чунонкӣ дар шаби тории маи ду панҷ ва чаҳор
چنانکه در شبِ تاری مه دو پنج و چهار
зи пеши онкӣ ншобўр шуд бадви масрур
ز پیشِ آنکه نشابور شد بدو مسرور
Пазирадаш омад фавҷии басони мавҷи баҳор
پذیردش آمد فوجی بسانِ موجِ بحار
Шарифтар зи набуввати мадони ту ҳеҷ сифат
شریفتر ز نبوّت مدان تو هیچ صفت
Ки мондааст азу дар ҷаҳони басии осор
که مانده است ازو در جهان بسی آثار
Шунидае ки паямбар чу хости гашти бузург
شنیدهای که پیمبر چو خواست گشت بزرگ
Сҳибу салмонро номад омадани душвор
صهیب و سلمان را نامد آمدن دشوار
Мисли зананд ки ояд бчшки нохонда
مثل زنند که آید بچشک ناخوانده
Чу тандурустӣ тимор дорад аз бемор
چو تندرستی تیمار دارد از بیمار
Ки шоҳ то баҳрот омад аз сипоҳи падараш
که شاه تا بهرات آمد از سپاهِ پدرش
Чу мӯр мардум дидӣ з ҳар сўӣии бқтор
چو مور مردم دیدی ز هر سوئی بقطار
Басон фарқон омад қасида ам бингар
بسانِ فرقان آمد قصیدهام بنگر
Ки қадар дониш кунад дар дил ва ду дида нигор
که قدر دانش کند در دل و دو دیده نگار
Агар чаҳ андар вақте замонаро дидам
اگر چه اندر وقتی زمانه را دیدم
Ки боз кард наёрам зи бими тай , тӯмор
که باز کرد نیارم ز بیمِ طی، طومار
зи бас ки маънӣ дӯшиза дид бо ман лафз
ز بس که معنیِ دوشیزه دید با من لفظ
Дил аз далолати маънии бикунад ва шуд безор
دل از دلالتِ معنی بکند و شد بیزار
Аз онкӣ ҳастам аз ғзнӣу ҷавонам низ
از آنکه هستم از غزنی و جوانم نیز
Ҳаме на байнами мари илми хешро бозор
همی نه بینم مر علمِ خویش را بازار
Хдоигоно чун ҷомаи исти шеъри накӯ
خدایگانا چون جامهایست شعر نکو
Ки то абад нашавад пуд ӯ ҷудо аз тор
که تا ابد نشود پودِ او جدا از تار
зи кори номаи ту орми ин шигифтӣҳо
ز کار نامه تو آرم این شگفتیها
Балии зи дарёи оранди лؤлؤи шҳўор
بلی ز دریا آرند لؤلؤِ شهوار
магӯӣ шеър ва пас ар чора нест аз гуфтан
مگوی شعر و پس ار چاره نیست از گفتن
Бигӯӣ тухми накӯи кору расм бад бурдор
بگوی تخمِ نکو کار و رسمِ بد بردار
Бигӯ ки лафзӣ ин ҳаст лؤлўии хўшоб
بگو که لفظی این هست لؤلوی خوشاب
Бигӯ ки маънӣ ин ҳаст сӯрати Фархор
بگو که معنی این هست صورتِ فرخار
Ҳамеша то гузарандааст дар ҷаҳони сахтӣ
همیشه تا گذرنده است در جهان سختی
Ту магзару бхўшии сад ҷаҳон чунин бигзор
تو مگذر و بخوشی صد جهان چنین بگذار
Ҳамеша то ма ва сол оварад сипеҳри ҳаме
همیشه تا مه و سال آورد سپهر همی
Ту бар замонаи бимон ҳамчунин шаҳу солор
تو بر زمانه بمان همچنین شه و سالار
Ҳамеша то ҳаме аз кӯҳи брдмди лола
همیشه تا همی از کوه بردمد لاله
Ҳамеша то чакад аз осмони ҳамеи амтор
همیشه تا چکد از آسمان همی امطار
Басони кӯҳи бпоӣу басони лолаи биханд
بسان کوه بپای و بسان لاله بخند
Басон чарх битозу басони абри бабор
بسان چرخ بتاز و بسان ابر ببار
Бпоён омад ин қасидаи ғроء чун дебо дар ӯ суханони ширин бо маънии даст дар гардан якдигар зада . Ва агар ин фозил аз рӯзгор ситамкор дод ёбаду подшоҳии табъ ӯро ба некӯкорӣ мадад диҳад , чунонкӣ ёфтанд устодони асрҳо чун унсурӣу ъсҷдӣу зайнабӣу фаррухӣ , раҳмаи аллоҳи алайҳими аҷмъин , дар сухани мӯии бадви ним шикофаду даст бисёр кас дар хоки молади ?фони аллоҳии тФтҳи аллҳо , ва магар биёбад , ки ҳануз ҷавонаст , ва мо злки алии аллоҳи бъзиз , ва бпоён омад ин қисса .
بپایان آمد این قصیده غرّاء چون دیبا در او سخنان شیرین با معنی دست در گردن یکدیگر زده . و اگر این فاضل از روزگار ستمکار داد یابد و پادشاهی طبع او را به نیکوکاری مدد دهد، چنانکه یافتند استادان عصرها چون عنصری و عسجدی و زینبی و فرخی، رحمة اللّه علیهم اجمعین، در سخن موی بدو نیم شکافد و دست بسیار کس در خاک مالد فانّ اللّهی تفتح اللّها، و مگر بیابد، که هنوز جوان است، وَ ما ذلِکَ عَلَی اللَّهِ بِعَزِیزٍ، و بپایان آمد این قصّه.