Аизои ?ла
ایضا له
Офарини бод бар он оризи покиза чу сим
آفرین باد بر آن عارض پاکیزه چو سیم
Ва он ду зулфин сиёҳ ту бидон шакли ду ҷим
و آن دو زلفینِ سیاه تو بدان شکل دو جیم
Аз сарои пои туам ҳеҷ наёяд дар чашм
از سرا پایِ توام هیچ نیاید در چشم
Агар аз хӯбӣ ту гӯям як ҳафтаи муқӣм
اگر از خوبیِ تو گویم یک هفته مقیم
Бинии он қомат чун сарви хиромон дар хоб
بینی آن قامتِ چون سرو خرامان در خواب
Ки кунад хирмани гули дасти табиат бар сим
که کند خرمنِ گل دست طبیعت بر سیم
Аз хушии ду лаби ту аз он нишонд
از خوشی دو لب تو از آن نشاند
зи хеши боғи басони набарди боди насим
ز خویش باغ بسان نبرد باد نسیم
Дӯстдорам ва надорам бкФ аз васли ту ҳеҷ
دوستدارم و ندارم بکف از وصلِ تو هیچ
Мард бо ҳимматро фақр азобӣ аст ?илем
مردِ با همّت را فقر عذابی است الیم
Моҳу моҳиро Монии ту з рӯйу андом
ماه و ماهی را مانی تو ز روی و اندام
Моҳ дидааст касе нармтар аз моҳӣ шем ?
ماه دیده است کسی نرمتر از ماهیِ شیم؟
Битимӣ ва ду рӯйят ҳаме таъна зананд
بیتیمیّ و دو روییت همی طعنه زنند
На гуласт онкии ду рӯй ва на дараст онкии ятем
نه گل است آنکه دو روی و نه دُر است آنکه یتیم
Гар нёромди зулфи ту аҷаб набӯд зонк
گر نیارامد زلفِ تو عجب نبود زانک
Бар ҷҳондши ҳамаи он дар биногваш чу сим
بر جهاندَش همه آن دُرِّ بناگوشِ چو سیم
Мабар аз ман хирад , он бас набӯд каз паии ту
مَبر از من خرد، آن بس نبود کز پیِ تو
Бастау куштаи зулфи ту буд марди ҳаким ?
بسته و کشته زلف تو بود مردِ حکیم؟
Дижаму тарсон кӣ будӣ он чашмаки ту
دژم و ترسان کی بودی آن چشمکِ تو
Гар накардяш бидон зулфак чун зангии бим
گر نکردیش بدان زلفکِ چون زنگی بیم
Зулф ту кист ки ӯ бим кунад чашми туро
زلفِ تو کیست که او بیم کند چشمِ ترا
ё кеи ту ки кунӣ бим касеро таълим ?
یا کیی تو که کنی بیم کسی را تعلیم؟
Ин далерӣ ва ҷасорат накунӣ бор дигар
این دلیری و جسارت نکنی بارِ دگر
Гар шнидстии номи малики ҳафт иқлӣм
گر شنیدستی نامِ مَلکِ هفت اقلیم
Хусрави Эрони мейри арабу шоҳи аҷам
خسروِ ایران میرِ عرب و شاهِ عجم
Қиссаи мӯҷаз ба , султони ҷаҳони иброҳӣм
قصّه موجز به، سلطانِ جهان ابراهیم
Онкӣ чун ҷаду падар дар ҳамаи аҳволи мудом
آنکه چون جدّ و پدر در همه احوال مدام
Зокиру шокир ё беш ту аз раби алӣам
ذاکر و شاکر یا بیش تو از ربِّ علیم
Подшо дар дили халқу порсо дар дили хеш
پادشا در دلِ خلق و پارسا در دلِ خویش
Подшо коидўн бошад , нашавад малики сқим
پادشا کایدون باشد، نشود ملک سقیم
Нанамояд бҷҳони ҳеҷ ҳунар то накунад
ننماید بجهان هیچ هنر تا نکند
Дар дили хеш бар он ҳиммати мардони тақдим
در دل خویش بر آن همّتِ مردان تقدیم
Толибу собир ва бар сари дили хеши амин
طالب و صابر و بر سرِّ دل خویش امین
Ғолибу қодир ва бар мунҳазими хеши раҳим
غالب و قادر و بر منهزمِ خویش رحیم
Ҳиммат ӯст чу чарху дирам ӯ чу шаҳоб
همّت اوست چو چرخ و درمِ او چو شهاب
Тамаъи перу ҷавони боз чу шайтони раҷим
طمع پیر و جوان باز چو شیطانِ رجیم
Бе аз он комади азуи ҳеҷ хато аз кам ва беш
بی از آن کامد ازو هیچ خطا از کم و بیش
Сездаҳ сол кашид ӯ ситами даҳри змим
سیزده سال کشید او ستمِ دهرِ ذمیم
Сездаҳ сол агар монад дар хулд касе
سیزده سال اگر مانَد در خلد کسی
Бар сиблати ҳабси он хулди намояд чу ҷҳим
بر سبیلِ حبس آن خلد نماید چو جحیم
Ончии хоҳии бинии нокардаи гуноҳ
آنچه خواهی بینی ناکرده گناه
Некӯони чеҳра озода баранд дияем ( ? )
نیکوان چهره آزاده برند دیهیم (؟)
Сездаҳ сол шаҳаншоҳ бимонад андари ҳабс
سیزده سال شهنشاه بماند اندر حبس
Каз ҳамаи неъмати гейтяши яке сабри надим
کز همه نعمت گیتیش یکی صبر ندیم
Ҳам худо дошт мар ӯро зи бади халқи нигоҳ
هم خدا داشت مر او را ز بد خلق نگاه
Гарчи бисёр ҷафо дид з ҳар гӯнаи зи бим
گرچه بسیار جفا دید ز هر گونه ز بیم
Чу диҳад малики худои боз ҳамӯ бастанд
چو دهد مُلک خدا باز همو بستاند
Пас чаро гӯйанд андар мисли алмалики ақим
پس چرا گویند اندر مَثَل المُلکُ عقیم
Хсрўо , шоҳо , мейро , малико , догаро ,
خسروا، شاها، میرا، ملکا، دادگرا،
Пас азин табл чаро бояд зад зери гилӣм
پس ازین طبل چرا باید زد زیرِ گلیم
Бишинав аз ҳар ки буд панд ва бидон боз машав
بشنو از هر که بود پند و بدان باز مشو
Ки чу ман банда буд аблаҳ ва бо қалби салим
که چو من بنده بود ابله و با قلبِ سلیم
Хирад аз бихрдон омӯз эй шоҳи хирад
خرد از بیخردان آموز ای شاهِ خرد
Ки бтҳриФи қалами гашти хати марди қавӣам
که بتحریفِ قلم گشت خطِ مرد قویم
Расм Маҳмӯдӣ кун тозаи бшмшири қавӣ
رسمِ محمودی کن تازه بشمشیر قوی
Ки зи пайғому з нома нашавад марди хсим
که ز پیغام و ز نامه نشود مرد خصیم
Теғ бар дӯш на ва аз дай ва аз дӯш мапурс
تیغ بر دوش نه و از دی و از دوش مپرس
Гар бихоҳӣ ки расад номи ту то рукни ҳтим
گر بخواهی که رسد نامِ تو تا رکنِ حطیم
Қудратӣ бинмоӣ аз аввал ва пас ҳалам гузин
قدرتی بنمای از اوّل و پس حلم گزین
Ҳалам каз қудрат набӯд набӯд марди ҳалим
حلم کز قدرت نبوَد نبوَد مرد حلیم
Кист аз тозк ва аз тарки дарин садри бузург
کیست از تازک و از ترک درین صدرِ بزرگ
Ки на андари дил ӯ дӯсттарӣ аз зару сим
که نه اندر دلِ او دوستتری از زر و سیم
Бо чунин перони ло , бал ки ҷавонони чунин
با چنین پیران لا، بل که جوانانِ چنین
Зуд бошад ки шавад ақди хуросони танзим
زود باشد که شود عقدِ خراسان تنظیم
Ончӣ аз сирати некӯи ту ҳаме нашр кунӣ
آنچه از سیرتِ نیکو تو همی نشر کنی
На фалон хусрав кард ва на амир ва на заъим
نه فلان خسرو کرد و نه امیر و نه زعیم
Чаҳ зиёнаст ? агар гуфт надонист калом
چه زیانست؟ اگر گفت ندانست کلام
Каз Асо мор тавонист ҳаме кард кулем
کز عصا مار توانست همی کرد کلیم
Бтмомии зи аду пой набояд шуд аз онк
بتمامی ز عدو پای نباید شد از آنک
Вақт бошад ки накӯ монад нуқтаи бадви ним
وقت باشد که نکو ماند نقطه بدو نیم
Ҳосиди имрӯзи чунин мутавории гашт ва хамӯш
حاسد امروز چنین متواری گشت و خموش
Даии ҳамеи бозндонстмӣ аз добшлим
دی همی بازندانستمی از دابشلیم
Марди кӯро на гуҳар бошад ва на низ ҳунар
مرد کو را نه گهر باشد و نه نیز هنر
Ҳиялат ӯст хамӯшӣ чу тиҳии дасти ғанӣам
حیلتِ اوست خموشی چو تهی دست غنیم
Шукр кун шукри худованди ҷаҳонро ки бдошт
شکر کن شکر خداوندِ جهان را که بداشت
Бтўи арзонӣ бе саъии каси ин малики қадим
بتو ارزانی بی سعیِ کس این مُلکِ قدیم
На фалон кард ва на баҳмон ва на пер ва на ҷавон
نه فلان کرد و نه بهمان و نه پیر و نه جوان
На зи таҳвили сари сол бадв наз тақвим
نه ز تحویلِ سرِ سال بدو نز تقویم
Балки аз ҳукми худованди ҷаҳон буд ҳама
بلکه از حکمِ خداوندِ جهان بود همه
Аз худованди ҷаҳони ҳукму зи бандаи таслим
از خداوندِ جهان حکم و ز بنده تسلیم
То бигӯянд ки султони шаҳид аз ҳиммат
تا بگویند که سلطانِ شهید از همّت
Буд аз ҳар чаҳ малик буд ба некуӣ хем
بود از هر چه مَلک بود به نیکوییِ خیم
Шоду хуррами зӣ ва мемехур аз дасти бутӣ
شاد و خرّم زی و می میخور از دستِ بتی
Ки буд ҷойгаҳи бӯса ӯ танг чу мем
که بود جایگهِ بوسه او تنگ چو میم
Душманати хастау бишкастау по баста бабанд
دشمنت خسته و بشکسته و پا بسته ببند
Гашта длхстаҳи вазони хаста дилӣ гашта сқим
گشته دلخسته وزان خسته دلی گشته سقیم
Ту кун аз доду дили шоди вилояти обод
تو کن از داد و دلِ شاد ولایت آباد
Ҳаргиз обод мабод онкӣ нахоҳадат азим
هرگز آباد مباد آنکه نخواهدت عظیم