Ва дар он рӯзгор ки бғзнин бозомадем бо амир ,у касро дил намонда буд аз саъбии ин ҳодиса ва худ бас бақо набӯд ин подшоҳи бузургро , раҳмаи аллоҳи алайҳ , ман михўостм ки чунин ки ин номаро нбштми бъзри ин ҳол ва ин ҳазиматро дар маърази хубтар берун оварадам . Фозилии байтӣ чанд шеър гуфтӣ то ҳам назм будӣ ва ҳам наср . Касро наёфтам аз шуъарои аср ки дарин бист сол буданд андарин давлат ки бхўостм , то акнӯн ки ин таърихи ӣнҷои расонидам аз фақиҳи бӯи Ҳанифа , идаи аллоҳ , бхўостм ва вай бигуфту сахт некӯ гуфту бФрстоду кули хайри ънднои ман ъндаҳ . Ва кори ин [ фозил ] барин бинмоанд ,у фоли ман кӣ хато кунад ? ва инак дар муддатии наздик аз давлати худованди султони абӯи алмзФри иброҳӣм , атоли аллоҳи бқоءаҳ ,у анояти олӣ [ вай ] чандин тарбият ёфт вслтҳоӣ гаронастаду шуғли ашрофи трнки бадв мФўз шуд , ва бичишам хирад ба трнк набояд нагирист ки нахусти вилояти Хоразмшоҳи олтўнтош буд , раҳмаи аллоҳи алайҳ . Ва қасида инаст .

و در آن روزگار که به غزنین بازآمدیم با امیر، و کس را دل نمانده بود از صعبی این حادثه و خود بس بقا نبود این پادشاه بزرگ را، رحمة اللّه علیه، من می‌خواستم که چنین که این نامه را نبشتم بعذر این حال و این هزیمت را در معرض خوبتر بیرون آوردم. فاضلی بیتی چند شعر گفتی تا هم نظم بودی و هم نثر. کس را نیافتم از شعرای عصر که درین بیست سال بودند اندرین دولت که بخواستم، تا اکنون که این تاریخ اینجا رسانیدم از فقیه بو‌حنیفه‌‌، ایّده اللّه‌، بخواستم و وی بگفت و سخت نیکو گفت و بفرستاد  ‌«و کلّ خیر عندنا من عنده‌» و کار این [فاضل‌] برین بنماند، و فال من کی خطا کند؟ و اینک در مدّتی نزدیک از دولت خداوند سلطان ابو المظفّر ابراهیم‌، اطال اللّه بقاءه‌، و عنایت عالی [وی‌] چندین تربیت یافت و صلتهای گران استد و شغل اشراف ترنک‌ بدو مفوّض‌ شد، و به چشم خرد به ترنک نباید نگریست که نخست ولایت خوارزمشاه آلتونتاش بود، رحمة اللّه علیه. و قصیده‌ این است.

Шоҳ чу бар кунад дили зи базму гулистон

شاه چو بر کند دل ز بزم و گلستان‌

Осони оради бчнги мамлакати осон

آسان آرد به چنگ مملکت آسان‌

Ваҳшӣ чизеаст малик ва ин зон донам

وحشی چیزی است مُلک و این زان دانم‌

Кӯ нашавад ҳечгуна бастаи бонсон

کاو نشود هیچ‌گونه بسته به انسان‌

Бандаш адласт ва чун бъдл бабандяш

بندش‌ عدل است و چون به عدل ببندیش‌

Инсӣ гардад ҳама дигар шавадаш сон

انسی‌ گردد همه دگر شودش سان‌

Ихвони зи ихвон ба хайл ва ъад нФрибд

اخوان ز اخوان به خیل و عد نفریبد

Явми ҳнини азои ъҷбткм бар хон

یوم حنین اذا عجبتکم بر‌خوان‌

Ихвон бисёр дар ҷаҳон ва чун шамс

اخوان بسیار در جهان و چون شمس‌

Ҳам дил ва ҳам пушт ман надидам зи ихвон

همدل و هم‌پشت من ندیدم ز اخوان‌

Исо омад сабк бичишам аду зонк

عیسی آمد سبک به چشم عدو زانک‌

Теғ нахост аз фалак чу хост ҳам хон

تیغ نخواست از فلک‌، چو خواست هم‌خوان‌

Кист ки гуяд туро магар нахурӣ май

کیست که گوید ترا مگر نخوری می‌

Мехур ва дод тараби зи мисатони бустон

می خور و دادِ طرب ز مستان‌ بستان‌

Шери хур ва ончунон махӯр ки бохр

شیر خور و آنچنان مخور که به آخر

Зу ншкибӣ чу ширхораи зи пистон

زو نشکیبی چو شیرخواره ز پستان‌

Шоҳ чаҳ донад ки чист хӯрдан ва хуфтан

شاه چه داند که چیست خوردن و خفتن‌

Ин ҳама донанд кӯдакони дабистон

این همه دانند کودکان دبستان‌

Шоҳ чу дар кор хеш бошад бедор

شاه چو در کارِ خویش باشد بیدار

Бастаи адуро баради зи боғи бзндон

بسته عدو را برد ز باغ به زندان‌

Мор буд душману бкндни дандонаш

مار بود دشمن و به کندنِ دندانش‌

Зу машав эмин , агарат бояд дандон

زو مشو ایمن، اگرت باید دندان‌

Аз аду онгоҳ кун ҳазар ки шавад дӯст

از عدو آنگاه کن حذر که شود دوست‌

Вази муғи тарси он замон ки гашти мусулмон

وز مُغ‌ ترس آن‌زمان که گشت مسلمان‌

Номаи неъмати зи шукр унвон дорад

نامه نعمت ز شکر عنوان دارد

Битавон донист ҳшўи номаи зи унвон

بتوان دانست حشو نامه ز عنوان‌

Шоҳ чу бар худ қабоӣ аҷаб кунад рост

شاه چو بر خود قبای عجب‌ کند راست‌

Хасми бдрдш то бабанд гиребон

خصم بدرَدَش تا به بندِ گریبان‌

Ғарра нагардад бъзи пелу иморӣ

غرّه نگردد به عزّ پیل و عَماری‌

Ҳар ки бидидааст зли уштуру полон

هر که بدیده است ذُلّ‌ اشتر و پالان‌

Марди ҳунари пеша худ набошад сокин

مردِ هنر‌پیشه خود نباشد ساکن‌

Каз паии корӣ шудааст гардуни гардон

کز پیِ کاری‌ شده است گردون گردان‌

Чанги чунон дар занад дар тани хусрав

چنگ‌ چنان در زند در تن خسرو

Чун бишносад ки чист ҳоли тану ҷон

چون بشناسد که چیست حال تن و جان‌

Мأмўни он каз мулӯки давлати ислом

مأمون آن کز ملوکِ دولتِ اسلام‌

Ҳаргиз чун ӯ надид тозӣу деҳқон

هرگز چون او ندید تازی و دهقان‌

Ҷбаҳ ӣӣ аз хаз бдошт бар тани чндонк

جُبّه‌یی از خز بداشت بر تن چندانک‌

Судау фарсӯдаи гашт бар вайу халқон

سوده و فرسوده گشت بر وی و خلُقان‌

Мар надаморо аз он фузуд таъаҷҷуб

مر ندما را از آن فزود تعجّب‌

Карданд аз ваии савол аз сабаби он

کردند از وی سؤال از سببِ آن‌

Гуфт зи шоҳон ҳадис монад боқӣ

گفت ز شاهان حدیث ماند باقی‌

Дар араб ва дар аҷам натузӣу каттон

در عرب و در عجم نه توزی‌ و کتّان‌

Шоҳ чу бар хаз ва буз нишинад ва хусбад

شاه چو بر خزّ و بز نشیند و خسبد

Бар тан ӯ баси гарон намояд хуфтон

بر تن او بس گران نماید خفتان‌

Мулкии конрои бдръгирӣу зубин

مُلکی کانرا به دِرع‌ گیری و زوبین‌

Додаш натавон боби ҳавзу бриҳон

دادش نتوان به آبِ حوض و به ریحان‌

Чун дили лашкари малик нигоҳ надорад

چون دلِ لشکر ملک نگاه ندارد

Даргаи айвони чунонкии даргаи майдон

درگهِ ایوان‌ چنانکه درگهِ میدان‌

Кор чу пеш оядаш бмидони ногуҳ

کار چو پیش آیدش به میدان ناگه‌

Хорӣ бинад з хор карда айвон

خواری بیند ز خوار کرده ایوان‌

Гарчи шавад лашкарӣ басем қавии дил

گرچه شود لشکری به سیم قوی‌دل‌

Охири дилгармӣ ӣӣ бибоядаш аз хон

آخر دلگرمی‌یی ببایدش از خوان‌

Дори накӯи мари пизишкро гуҳи сиҳҳат

دار نکو مر پزشک را گهِ صحت‌

Тот накӯ дорад ӯ бдорўу дармон

تات نکو دارد او به دارو و درمان‌

Хоҳӣ то бошӣ эмин аз бади ақрон

خواهی تا باشی ایمن از بدِ اقران‌

Рӯй битоб аз қирону гӯии зи қуръон

روی بتاب از قِران‌ و گوی ز قُرآن‌

Зуҳди муқайяди бад-ӣну илми бтоът

زهد مقّید به دین و علم به طاعت‌

Маҷд муқайяд биҷӯаду шеъри бдиўон

مجد مقیّد به جود و شعر به دیوان‌

Халқ басӯрат қавӣу халқи бсирт

خلق به صورت قوی و خُلق به سیرت‌

Дайни бсрирти қавӣу малики бслтон

دین به سریرت قوی و مُلک به سلطان‌

Шоҳи ҳунари пешаи мейри мейрони масъӯд

شاهِ هنر‌پیشه میرِ میران مسعود

Бастаи саодат ҳамеша бо ваии паймон

بسته سعادت همیشه با وی پیمان‌

эй бтўи ороста ҳамеша замона

ای به تو آراسته همیشه زمانه‌

Рости бдонсон ки боғ дар маи Нитсаон

راست بدانسان که باغ در مهِ نیسان‌

Родигар даъват набувват созад

رادی گر دعوتِ نبوّت سازد

Ба зи каф ту наёфт хоҳад бурҳон

به ز کف تو نیافت خواهد برهان‌

Қӯти исломроу нусрати ҳақ ро

قوّتِ اسلام را و نصرتِ حق را

Ҳоҷати пайғамбарӣу ҳуҷҷати имон

حاجتِ پیغمبری‌ و حجّتِ ایمان‌

Дасти қавии дорӣу забони сухангӯӣ

دستِ قوی داری و زبانِ سخنگوی‌

Зини ду яке дошт ёри Мӯсои умрон

زین دو یکی داشت یار موسیِ عمران‌

Шукри худовандро ки боз бидидам

شکرِ خداوند را که باز بدیدم‌

Неъмати дидори ту дарин хуррами айвон

نعمتِ دیدارِ تو درین خُرم‌ ایوان‌

Чун бсломт бидор малик раседӣ

چون به سلامت به دارِ ملک‌ رسیدی‌

Бок надорем , агар бимиради баҳмон

باک نداریم، اگر بمیرد بهمان‌

Дар мисласт ин ки чун биҷой буд сар

در مثل است این که چون بجای بود سر

Ноед кам мардро забунии арқон

ناید کم مرد را زبونیِ ارکان‌

Рост на имрӯз шуд хуросони зини сон

راست نه امروز شد خراسان زین سان‌

Буд чунин то ҳамеша буд хуросон

بود چنین تا همیشه بود خراسان‌

Малики худои ҷаҳони зи малики ту беш аст

ملکِ خدای جهان ز ملکِ تو بیش است‌

Бештараст аз ҷаҳон на инак вайрон ?

بیشتر است از جهان نه اینک ویران‌؟

Душмани ту гар баҷанг рахт ту бигирифт

دشمن تو گر به جنگ‌، رخت تو بگرفت‌

Дев гирифт аз нахусти тахти сулаймон

دیو گرفت از نخست تختِ سلیمان‌

Вари ту зи хасмони хеш ранҷа шудӣ , низ

ور تو ز خصمان خویش رنجه شدی، نیز

Муштарии онк на ранҷаи гашти зи кайвон ?

مشتری آنک‌ نه رنجه گشت ز کیوان‌؟

Борони кони раҳмати худоӣ ҷаҳон аст

باران کان رحمتِ خدایِ جهان است‌

Соъиқа гардад ҳамеи всилти борон

صاعقه‌ گردد همی وسیلتِ باران‌

Аз мо бар мост , чун нигоҳ кунӣ нек

از ما بر ماست‌، چون نگاه کنی نیک‌

Дар табар ва дар дарахту оҳану савҳон

در تبر و در درخت و آهن و سوهان‌

Кори зи сари гиру асбу теғ дигар соз

کار ز سر گیر و اسب و تیغ دگر ساز

Хосса ки пайдо шуд аз баҳори зимистон

خاصه که پیدا شد از بهار زمستان‌

Дил чу кунӣ рост бо сипоҳу раият

دل چو کنی راست با سپاه و رعیّت‌

Оядат аз як раҳеи ду рустами дастон

آیدت از یک رهی‌ دو رستم دستان‌

Зонка туе Сайиди мулӯки замона

زانکه تویی سیّدِ ملوکِ‌ زمانه‌

Зонка турои баргузед аз ҳамаи яздон

زانکه ترا برگزید از همه یزدان‌

Шеру наҳангу уқоби зини хабари бад

شیر و نهنگ و عقاب زین خبر بد

Хира шуданд андари обу қаъри биёбон

خیره‌ شدند اندر آب و قعرِ بیابان‌

Кас накунад эътиқод бар караи хеш

کس نکند اعتقاد بر کره خویش‌

То накунӣ шани зи хӯни душмани меҳмон

تا نکنی‌شان ز خون دشمن مهمان‌

Гар парӣу одамӣ дижам шуд зини ҳол

گر پری و آدمی دژم شد زین حال‌

Ноед касро аҷаби зи ҷумлаи ҳайвон

ناید کس را عجب ز جمله حیوان‌

наменахурд лолаи барг ва абр нахандад

می‌ نخورد لاله برگ و ابر نخندد

То надиҳӣ ҳар дуро ту зини пас фармон

تا ندهی هر دو را تو زین پس فرمان‌

Хусрави Эрони туе ва будӣ ва бошӣ

خسروِ ایران تویی و بودی و باشی‌

Гарчи фурӯи дасти ғарраи гашти бъсён

گرچه فرو‌دست‌ غِرّه گشت به عصیان‌

Конк баҷанг худо бишуд бҷҳолт ( )

کانکه به جنگِ خدا بشد به جهالت

Тираш дар хӯн заданд аз паии хизлон

تیرش در خون زدند از پی خذلان‌

Фиръавни он рӯз ғарқа шуд ки бхўондн

فرعون آن روز غرقه شد که به خواندن‌

Нил бишуд чанд гомӣ аз пай ҳомон

نیل بشد چند گامی از پی هامان‌

Қоидаи малики носирӣу яминӣ

قاعده ملکِ ناصریّ‌ و یمینی‌

Муҳкамтар зон шинос дар ҳамаи кайҳон

محکم‌تر زان شناس در همه کیهان‌

Кохри зини ҳавли захми теғи Заҳӣрӣ

کاخر زین هول زخمِ‌ تیغِ ظهیری‌

Бо тани хастаи раванди ҷумлаи хасмон

با تن خسته روند جمله خصمان‌

Гар натавонад кашид асби туро низ

گر نتواند کشید اسب ترا نیز

Пел кашад мари туро чу рустами дастон

پیل کشد مر ترا چو رستمِ دستان‌

Гар гунаҳӣ кард чокарят на аз қасд

گر گنهی کرد چاکریت نه از قصد

Кардаш гетии бенону ҷомаи гаравгон

کردش گیتی به نان و جامه گروگان‌

Гар бипазирӣ , равост , узри замона

گر بپذیری، رواست، عذر زمانه‌

Зонка шудааст ӯ зи феъли хеши пушаймон

زانکه شده است او ز فعلِ خویش پشیمان‌

Лؤлؤи хўшоби баҳри малики ту дорӣ

لؤلؤِ خوشابِ‌ بحرِ ملک تو داری‌

То дгарон ҷон кунанд аз паии марҷон

تا دگران جان کنند از پیِ مرجان‌

Афсари заррини туроу давлати бедор

افسرِ زرّین ترا و دولتِ بیدار

Ва онкии туро душманаст бдсги кҳдон

و آنکه ترا دشمن است بدسگ کهدان‌

Гули зи ту чун буии хеш боз надорад

گل ز تو چون بویِ خویش باز ندارد

Кард чаҳ бояд ҳадиси хори муғелон ?

کرد چه باید حدیثِ خارِ مغیلان‌‌؟

Ба ки бидон дили бшғли бози надорӣ

به که بدان دل به شغل باز نداری‌

Кин сухани андар ҷаҳон намонад пинҳон

کاین سخن اندر جهان نماند پنهان‌

Ҳарбу схоист дар дам чун рҷолист

حرب و سخایست در دم چون رجالی‌ست‌

Кон хаҷаласт сояро додани сӯон

کان خجل است سایه را دادن سوان‌

Шеър нагӯям , чу гӯям , айдун гӯям

شعر نگویم، چو گویم، ایدون گویم‌

Карда мзмни ҳамаи бҳкмти луқмон

کرده مضمّن‌ همه به حکمتِ لقمان‌

Пайдо бошад ки худ нагӯям дар шеър

پیدا باشد که خود نگویم در شعر

Аз хат ва аз холу зулфу чашмаки хубон

از خط و از خال و زلف و چشمک خوبان‌

Ман ки мдиҳ амир гӯям бе тамаъ

من که مدیحِ امیر گویم بی‌طمع‌

Мераҳ чаҳ донам чаҳ бошад андари ду ҷаҳон

میره‌ چه دانم چه باشد اندر دو جهان‌

Ҳмткӣ ҳаст ҳам дарин сар чун гӯй

همّتکی‌ هست هم درین سر چون گوی‌

Зон биҷӯоне шудааст пуштами чавгон

زان به جوانی شده است پشتم چوگان‌

Шоҳо дар умр ту фузуд худованд

شاها در عمر تو فزود خداوند

Ҳар чаҳ дарин роҳ шуд зи сози ту нуқсон

هر چه درین راه شد ز ساز تو نقصان‌

Ҷузи бмдиҳи ту дам наёрам зад зонк

جز به مدیحِ تو دم نیارم‌ زد زانک‌

Номи ҳаме боядам ки ёфтаам нон

نام‌ همی بایدم که یافته‌ام نان‌

То бФлк бар ҳаме битобад хуршед

تا به فلک بر همی بتابد خورشید

Рост чу дар обгири заррини пангон

راست چو در آبگیر زرّین پنگان‌

Шод ҳаме бошу симу зари ҳамеи пош

شاد همی باش و سیم و زرّ همی پاش‌

Малики ҳамеи дору амр ва наҳй ҳамеи рон

ملک همی دار و امر و نهی همی ران‌

Рӯят бояд ки сурх бошаду сарсабз

رویت باید که سرخ باشد و سرسبز

Кохр гардад адуи бтиғи ту қурбон

که‌آخر گردد عدو به تیغ تو قربان‌

Ин сухан дароз мешавад , аммо аз чунин суханон бо чандон санъату маънии коғази тоҷии мурассаъ бар сари ниҳод . Ва дареғи мардуми фозил ки бимирад ,у дайри зиёди ин озоди мард .

این سخن دراز میشود، امّا از چنین سخنان با چندان صنعت و معنی‌ کاغذ تاجی مرصّع بر سر نهاد. و دریغ مردم فاضل که بمیرد، و دیر زیاد این آزاد مرد.

Ва чун азин фориғ шудам , инак басари таърих боз шудам . Ва аллоҳи алмсҳли бҳўлаҳу тӯла .

و چون ازین فارغ شدم، اینک‌ بسر تاریخ باز شدم. و اللّه المسهّل بحوله و طوله‌ .

Хониш
бхш 38 - қсӣдҳ чҳорм оскофӣ — съӣд шрӣфӣ