Бо сари зулфи ту марои кор ба ҷое нарасад
با سر زلف تو مرا کار به جایی نرسد
Дарди марогар ту туе аз ту давое нарасад
درد مرا گر تو تویی از تو دوایی نرسد
Аз ту ҳар он рӯз ки ман гул ба вафо май талабам
از تو هر آن روز که من گل به وفا می طلبم
Шаб нарасад то ба дилами хор ҷафое нарасад
شب نرسد تا به دلم خار جفایی نرسد
Дар ғами онам ки шавад умри ман аз даст чу гул
در غم آنم که شود عمر من از دست چو گل
Вази чамани васли тавон меҳр гёиӣ нарасад
وز چمن وصل توام مهر گیایی نرسد
Нест аҷаб гар нарасад гавҳари васли ту ба ман
نیست عجب گر نرسد گوهر وصل تو به من
Малики сулаймон чаҳ аҷабгар ба гадоӣ нарасад
ملک سلیمان چه عجب گر به گدایی نرسد
Бар сари шохӣ ки азуи буии вафои ту дамад
بر سر شاخی که ازو بوی وفای تو دمد
Ман нарасм ки бар фалак бесар ва пое нарасад
من نرسم که بر فلک بی سر و پایی نرسد
Бе ту мҷирсту лабии мондаи дуои ту дарав
بی تو مجیرست و لبی مانده دعای تو درو
Ки даст ӯ дар ғами ту ҷуз ба дуое нарасад
که دست او در غم تو جز به دعایی نرسد