Ғубори мо ба ҷузи ин пар шикастанӣ ки надорад
غبار ما به جز این پر شکستنیکه ندارد
Куҷо равад ба умеди нишастанӣ ки надорад
کجا رود به امید نشستنیکه ندارد
Ҳазор қофилаи по дргласт ва меравад аз худ
هزار قافله پا درگل است و میرود از خود
Ба фурсату нафаси бори бастанӣ ки надорад
به فرصت و نفس بار بستنیکه ندارد
Чаҳ зхмҳокаҳ начида сети дил ба фурқати ёрон
چه زخمهاکه نچیدهست دل به فرقت یاران
зи нохуни алмии синаи хстнӣ ки надорад
ز ناخن المی سینه خستنی که ندارد
Сапанди миҷмари тсўирҳмчўи ман ба ки нолад
سپند مجمر تصویرهمچو من بهکه نالد
зи ваҳшатӣ ки фусурдаи сет ва ҷустанӣ ки надорад
ز وحشتیکه فسردهست و جستنیکه ندارد
Гузаштааст ҷаҳонии зи авҷи мунтазири анқо
گذشته است جهانی ز اوج منتظر عنقا
Ба боли даъвӣ аз хеши растанӣ ки надорад
به بال دعوی از خویش رستنی که ندارد
Асири ҳирс чаҳ кӯшиш кунад ба нози раҳоӣ
اسیر حرص چهکوششکند به ناز رهایی
Бар ин дукони ҳавас дил набастанӣ ки надорад
بر این دکان هوس دل نبستنی که ندارد
Ба ҳайратам чаҳ фусунаст доми ҳайрати бедил
به حیرتم چه فسون است دام حیرت بیدل
Таъаллуқӣ ки набӯдаш , гусастанӣ ки надорад
تعلقی که نبودش، گسستنی که ندارد