НаҚишм касе аз саъй чаҳ фарҳанги برارد
نقشمکسی از سعی چه فرهنگ برآرد
Наққоши магар аз садафаши ранги برارد
نقاش مگر از صدفش رنگ برآرد
Умрии сет ки бо кулуфти дил май рӯм аз хеш
عمریست که با کلفت دل میروم از خویش
Худро чаҳ қадари оина бо занги برارد
خود را چهقدر آینه با زنگ برآرد
Сад шоми абад тай шуд ва сад субҳ азал рафт
صد شام ابد طی شد و صد صبح ازل رفت
То ёси зхўишми ду се фарсанги برارد
تا یاس زخویشم دو سه فرسنگ برآرد
Паҳлуи хури ҳангома суҳбат натавон зист
پهلو خور هنگامهٔ صحبت نتوان زیست
Збни анҷуманами коши дили тнки برارد
زبن انجمنمکاش دل تنک برآرد
Дар раҳни хлшҳои нафас фурсат ҳастӣ аст
در رهن خلشهای نفس فرصت هستی است
Тиртўкс аз дил ба чаҳ оҳанги برارد
تیرتوکس از دل به چه آهنگ برآرد
Тафреҳи димоғи ту ва ман дархур ваҳм аст
تفریح دماغ تو و من درخور وهم است
Збни нусха маҳоласт касе банги برارد
زبن نسخه محال استکسی بنگ برآرد
Бо доман агар айби так ва тоз напӯшӣ
با دامن اگر عیب تک و تاز نپوشی
Аҷзи ту чаҳ хоро аз қадами ланги برارد
عجز تو چه خارا از قدم لنگ برآرد
Зини бор ки ман май кашам аз кулуфт ҳастӣ
زین بار که من میکشم از کلفت هستی
Сангинии номами зи нигини санги برارد
سنگینی نامم ز نگین سنگ برآرد
Ойӣна ӯ муҳаррамӣ васл надорад
آیینهٔ او محرمی وصل ندارد
Ҳайронӣ аз ин беш киро днги برارد ?
حیرانی از این بیش که را دنگ برآرد؟
Оҳи ин дили маъюс нишотам напасандед
آه این دل مایوس نشاطم نپسندید
Кӯи ғунча ки вогрдду гулранги برارد
کو غنچه که واگردد و گلرنگ برآرد
Бедил , ба кафи хок , қаноат кун ва хуш бош
بیدل، بهکف خاک، قناعت کن و خوش باش
То гирди ҳавои гири ту авранги برارد
تا گرد هوا گیر تو اورنگ برآرد