Гршўқ ба роҳати қадамии пеши برارد
گرشوق به راهت قدمی پیش برآرد
Чун обила болиданам аз хеши برارد
چون آبله بالیدنم از خویش برآرد
Онҷокаҳи хаёл ту диҳад арзи таҷаммул
آنجاکه خیال تو دهد عرض تجمل
Танҳоӣам аз ҳар ду ҷаҳон беш برارد
تنهاییام از هر دو جهان بیش برآرد
Мақбулӣу авзоъи мухолиф чаҳ хаёл аст
مقبولی و اوضاع مخالف چه خیال است
Дар дидаи хулдгар мижаам неши برارد
در دیده خلد گر مژهام نیش برآرد
Имрӯз дар баста ба рӯй ҳама боз аст
امروز در بسته به روی همه باز است
Ойӣнаи магари ҳоҷати дарвеши برارد
آیینه مگر حاجت درویش برآرد
Аз нусхаи кайфияти имкони ннўштнд
از نسخهٔ کیفیت امکان ننوشتند
Лафзӣ ки касе ҳосили мъниши برارد
لفظی که کسی حاصل معنیش برآرد
Гар шухӣ Лайлӣ нашавад доми таҳайюр
گر شوخی لیلی نشود دام تحیر
Маҷнӯни мрокисти адаби кеши برارد
مجنون مراکیست ادبکیش برآرد
Фарёди казин қулзум ваҳшат натавон ёфт
فریاد کزین قلزم وحشت نتوان یافت
Мавҷӣ ки нафас бе ғами ташвиши برارد
موجیکه نفس بیغم تشویش برآرد
Бо барқи саворон чаҳ кунад саъии ғуборам
با برقسواران چهکند سعی غبارم
Вомондагӣӣ ҳаст агар пеши برارد
واماندگیی هست اگر پیش برآرد
Навмидии сўдоздгон низ дуоеи сет
نومیدی سودازدگان نیز دعاییست
Умед ки он нўхти мо риши برارد
امید که آن نوخط ما ریش برآرد
Бедили чамани орой гиребон хаёлӣаст
بیدل چمن آرای گریبان خیالیست
Ёрб нашавад онкии сари азхўиши برارد
یارب نشود آنکه سر ازخویش برآرد