Дили гудохта бар шаш ҷиҳати бағали вокрд
دلگداخته بر شش جهت بغل واکرد
Ҷаҳон ба шиша гирифт ин парӣ чаҳ аншокрд
جهان به شیشهگرفت این پری چه انشاکرد
Ситами насиби дилами ман куҷоу дарди куҷо
ستم نصیب دلم من کجا و درد کجا
Нафас ба кӯча не рафту нола пайдо кард
نفس به کوچهٔ نی رفت و ناله پیدا کرد
зи шарми чашм ту дорад хаёлами анҷуманӣ
ز شرم چشم تو دارد خیالم انجمنی
Ки бояд аз арақами сайри ҷом ва мино кард
که باید از عرقم سیر جام و مینا کرد
Чаҳ саҳар буд ки афсун бе ниёзии ишқ
چه سحر بود که افسون بینیازی عشق
Маро ба хоки нишонду турои тмошокрд
مرا به خاک نشاند و ترا تماشاکرد
Ба фикри кори дили афтодам аз чакидани ашк
به فکر کار دل افتادم از چکیدن اشک
Шикасти шиша ба рўбм дар ҳалаби вокрд
شکست شیشه به روبم در حلب واکرد
Азин бисоти гузаштам . Вале нафаҳмидам
ازین بساط گذشتم.ولی نفهمیدم
Ки вазъи пайкари хам бо ки ин мудоро кард
که وضع پیکر خم با که این مدارا کرد
Чу шамъи сӯрат бедорӣам чаҳ имкон дошт
چو شمع صورت بیداریام چه امکان داشت
Сиррӣ ки рафт зи дӯшами ишорат по кард
سری که رفت ز دوشم اشارت پا کرد
Наҳуфт маънии макшуф бетааммулӣ ам
نهفت معنی مکشوف بیتاملیام
Набастани мижаи офоқро муаммо кард
نبستن مژه آفاق را معما کرد
Ҷунуни бихўдиии пеши баради саъии амл
جنون بیخودیی پیش برد سعی امل
Ки кори олами имрӯзи назр фардо кард
که کار عالم امروز نذر فردا کرد
Фсрднӣаст саранҷоми офияти талабон
فسردنی است سرانجام عافیتطلبان
Муҳӣти ин кара аз риштаи гуҳари вокрд
محیط اینکره از رشتهٔگهر واکرد
Хаёл агар ҳамаи фирдавс дар бағал дорад
خیال اگر همه فردوس در بغل دارد
Қафои зонуии ҳасрат наме тавон ҷо кард
قفای زانوی حسرت نمیتوان جا کرد
Далели улфати асбоби ғайр ъсҷз набӯд
دلیل الفت اسباب غیر عسجز نبود
Пари шикастаи мо сайри ин қафасҳо кард
پر شکستهٔ ما سیر این قفسها کرد
Надошт зоҳиру мазҳари ҷаҳони яктое
نداشت ظاهر و مظهر جهان یکتایی
Ҷунуни оина дар дасти ханда бар мо кард
جنون آینه در دست خنده بر ما کرد
Дарин ҳўскдаҳ аз ман чаҳ дидае бедил
درین هوسکده از من چه دیدهای بیدل
Ба олимӣ ки неам боядам тамошо кард
به عالمی که نیام بایدم تماشا کرد