Огоҳӣ аз хаёли худам бениёз кард

آگاهی از خیال خودم بی‌نیاز کرد

Худро надид оина то чашм боз кард

خود را ندید آینه تا چشم باز کرد

Наъли ҷаҳон дар оташи фикр саломат аст

نعل جهان در آتش فکر سلامت است

Он шуъла орамид ки машқ гудоз кард

آن شعله آرمید که مشق گداز کرد

Чун оҳ кард раҳгузар ноумедӣ ам

چون آه کرد رهگذر ناامیدی‌ام

Ҳаркаси з по нишаст маро сарфароз кард

هرکس ز پا نشست مرا سرفراز کرد

Кӯи заҳмати фироқу кадоми инбисоти васл

کو زحمت فراق و کدام انبساط وصل

Зини ҷавр ончӣ кард ба мо имтиёз кард

زین جور آنچه کرد به ما امتیاز کرد

Кулуфт задой кӣнаи дилҳо тавозуъ аст

کلفت‌زدای کینهٔ دل‌ها تواضع است

Зини теша ме тавон гиреҳи санг боз кард

زین تیشه می‌توان‌ گره سنگ باز کرد

Ҳайрати муқӣми хона ойӣнаасту бас

حیرت مقیم خانهٔ آیینه است و بس

Натавон ба рӯй мо дар дилҳо фароз кард

نتوان به روی ما در دل‌ها فراز کرد

Доғами зи соя эй ки ба тўФи суҷуд ӯ

داغم ز سایه‌‌ای ‌که به طوف سجود او

Пои талаби зи нақши ҷабин ниёз кард

پای طلب ز نقش جبین نیاز کرد

Шобти қиёму шеби рукӯъу фанои суҷуд

شابت قیام و شیب رکوع و فنا سجود

Дар ҳастӣ ва адам натавон ҷуз намоз кард

در هستی و عدم نتوان جز نماز کرد

Зини гулистон ба ҳайрати шабнам расида ам

زین گلستان به حیرت شبنم رسیده‌ام

Бояд дарӣ ба хонаи хуршед боз кард

باید دری به خانهٔ خورشید باز کرد

Дар парда буд сӯрат мавҳум ҳастӣ ам

در پرده بود صورت موهوم هستی‌ام

Ойӣнаи хаёли ту ифшои розкрд

آیینهٔ خیال تو افشای رازکرد

Бар зиндагии сети бор гронҷонӣам ҳануз

بر زندگی‌ست بار گرانجانی‌ام هنوز

Қади ду то марои хами абрӯӣ ноз кард

قد دو تا مرا خم ابروی ناز کرد

Гомӣ набӯд беш раҳи мақсади фано

گامی نبود بیش ره مقصد فنا

Ин риштаро нафас ба кашокаш дароз кард

این رشته را نفس به کشاکش دراز کرد

Маънӣ намой чеҳраи мақсӯди нестии сет

معنی نمای چهره مقصود نیستی ست

Бедили маро гудохтани ойӣнаи созкрд

بیدل مرا گداختن آیینه‌سازکرد