Дамӣ ки теғи ту хӯни маро бҳл гирад
دمی که تیغ تو خون مرا بحل گیرد
Ҳуҷуми нози саропои ман ба дил гирад
هجوم ناز سراپای من به دل گیرد
Куҷост ашк ки дар олами хаёли туам
کجاست اشک که در عالم خیال توام
Ҳазор оина бо ҷилва муттасил гирад
هزار آینه با جلوه متصل گیرد
Мизоҷи ошиқу осӯдагӣ ба он монад
مزاج عاشق و آسودگی به آن ماند
Ки шуълаи ранги ҳавоҳои муътадил гирад
که شعله رنگ هواهای معتدل گیرد
Ба ҳайратаст нигоҳи адаби сиришти вафо
به حیرت است نگاه ادب سرشت وفا
Ки шамъи хилвати ойӣна муштаал гирад
که شمع خلوت آیینه مشتعل گیرد
Баҳори умру таровати зиҳии хаёли маҳол
بهار عمر و طراوت زهی خیال محال
Магари ҳаёи арз аз табъ мунфаил гирад
مگر حیا عرض از طبع منفعل گیرد
Касе барад чу нигаҳи лиззати шиносоӣ
کسی برد چو نگه لذت شناسایی
Ки нақши хеш ба ҳар ҷилва музмаҳил гирад
که نقش خویش به هر جلوه مضمحل گیرد
Хушам ки нолаам имрӯзи хасми худдории сет
خوشمکه نالهام امروز خصم خودداریست
Чу сарв то ба кӣ озодагӣ ба гул гирад
چو سرو تا به کی آزادگی به گل گیرد
Кафили ваҳшат ҳар зарраам чу шӯри ҷунун
کفیل وحشت هر ذرهام چو شور جنون
Касе ки нагзарад аз худ маро хаҷал гирад
کسی که نگذرد از خود مرا خجل گیرد
зи шарми бедилии хеши об май гирдам
ز شرم ِ بیدلی خویش آب میگردم
Мабод оинаи пеши ту ном дил гирад
مباد آینه پیش تو نام دلگیرد