Ганаи муфти ҳавасгар ном осўдн наме гирад

غنا مفت هوس‌گر نام آسودن نمی‌گیرد

Ғубори домани афшони саҳар доман наме гирад

غبار دامن‌افشان سحر دامن نمی‌گیرد

Фсрдни хўштрст аз миннати шўрондни оташ

فسردن خوشترست از منت شوراندن آتش

Ҳинои бўсдкФи дастӣ ки даст ман наме гирад

حنا بوسدکف دستی‌که دست من نمی‌گیرد

Дилӣ дорам адаби парвардаи номӯси яктое

دلی دارم ادب‌ پروردهٔ ناموس یکتایی

Ки аз шарми муҳаббати хурда бар душман наме гирад

که از شرم محبت خرده بر دشمن نمی‌گیرد

зи ташвиши алойиқи рустаи гири озодтбъон ро

ز تشویش علایق رسته‌گیر آزادطبعان را

Аннани об , доми саъй прўизн наме гирад

عنان آب‌، دام سعی پرویزن نمی‌گیرد

Раҳи фаҳми таҷарруд , фитрат борӣк ме хоҳад

ره فهم تجرد، فطرت باریک می‌خواهد

Касе ҷузи риштаи об аз чашма сӯзан наме гирад

کسی جز رشته آب از چشمهٔ سوزن نمی‌گیرد

Ҳузури офиятгар мақсади саъй талаб бошад

حضور عافیت‌گر مقصد سعی طلب باشد

Чаро ҳиммат , раҳ аз по дроФтодн наме гирад

چرا همّت‌، ره از پا درافتادن نمی‌گیرد

Заъифӣ дар чаҳ хок афканда бошад доми ман ёрб

ضعیفی در چه خاک افکنده باشد دام من یارب

Ки сайёд аз ҳаё , умрӣаст ном ман наме гирад

که صیٌاد از حیا، عمریست نام من نمی‌گیرد

Тавозуъи кеши ҳимматро чаҳ имконаст раъное

تواضع‌کیش همّت را چه امکان است رعنایی

Хами дӯши фалак , бори сар ва гардан наме гирад

خم دوش فلک‌، بار سر و گردن نمی‌گیرد

Дами перии зи файзи гиря халқӣ меравад ғофил

دم پیری ز فیض گریه خلقی می‌رود غافل

Дар ин маҳтоб ширӣ ҳасту кас равған наме гирад

در این‌ مهتاب‌ شیری‌ هست‌ و کس ‌روغن نمی‌گیرد

Қумошӣ аз ҳаё дорад қабои нозуки андомӣ

قماشی از حیا دارد قبای نازک‌اندامی

Ки буии Юсуфи азшўхӣ ба пероҳан наме гирад

که بوی یوسف ازشوخی به پیراهن نمی‌گیرد

Агар шамъи Рахши сад анҷуман равшан кунад бедил

اگر شمع رخش صد انجمن روشن‌ کند بیدل

Таҳайюр оташӣ дорад ки ҷуз дар ман наме гирад

تحیر آتشی دارد که جز در من نمی‌گیرد