Нафас бо як ҷаҳони ваҳшат ба хок ва об ме созад
نفس با یک جهان وحشت به خاک و آب میسازد
Пурафшони нашъае бо кулуфт асбоб ме созад
پرافشان نشئهای با کلفت اسباب میسازد
Чу оли дӯдӣ ки пайдо мекунад хомӯшии шамъаш
چو آل دودی که پیدا میکند خاموشی شمعش
Зхўди ҳаркас тасаллӣ шуд маро битоб ме созад
زخود هرکس تسلی شد مرا بیتاب میسازد
Дил овораам ҳарҷо кунад андоз битобӣ
دل آوارهام هرجا کند انداز بیتابی
Фалакро хиҷлати саргаштагӣ гирдоб ме созад
فلک را خجلت سرگشتگی گرداب میسازد
Ба ҳарҷо аҷзам аз пои афканд муфтаст осўдн
به هرجا عجزم از پا افکند مفت است آسودن
Ғубор аз паҳлавии худ бистар санҷоб ме созад
غبار از پهلوی خود بستر سنجاب میسازد
зи мӯӣ перӣам гумроҳии дил кам наме гардад
ز موی پیریام گمراهی دل کم نمیگردد
Намакро дидаи ғифлати пурситам хоб ме созад
نمک را دیدهٔ غفلت پرستم خواب میسازد
Тавозуъҳои ман ойӣна таслим шуд охир
تواضع های من آیینهٔ تسلیم شد آخر
Ҳилоли ӣнҷои ҷабини саҷда аз миҳроб ме созад
هلال اینجا جبین سجده از محراب میسازد
Дил бенашъае дории ниёзи дард улфат кун
دل بینشئهای داری نیاز درد الفت کن
Гудози ангурро охири шароб ноб ме созад
گداز انگور را آخر شراب ناب میسازد
Димоғи ҳасрати асбоб май сӯзӣ аз ин ғофил
دماغ حسرت اسباب میسوزی از این غافل
Ки аҷзои турои ҳам матлаб ноёб ме созад
که اجزای ترا هم مطلب نایاب میسازد
Саҳари эҷод шабнам мекунад ман ҳам гумон дорам
سحر ایجاد شبنم میکند من همگمان دارم
Ки шавқати охир аз хокистарам симоб ме созад
که شوقت آخر از خاکسترم سیماب میسازد
Ба ранги шамъи гирди ғорат ашк аст аҷзоем
به رنگ شمعگرد غارت اشک است اجزایم
Чакиданҳо ба бунёди худам сайлоб ме созад
چکیدنها به بنیاد خودم سیلاب میسازد
Чунин каз узви узвами мавҷи ғифлат май дамади бедил
چنین کز عضو عضوم موج غفلت میدمد بیدل
Чу фарши махмалами охири тилисм хоб ме созад
چو فرش مخملم آخر طلسم خواب میسازد