То ҷилваи бирнги ту бар қалб сувар зад
تا جلوهٔ بیرنگ تو بر قلب صور زد
Тимсол гирифт оина дар даст ва ба дар зад
تمثال گرفت آینه در دست و به در زد
Ҳиммат ба саводи талабати гирд ҷунун дошт
همت به سواد طلبت گرد جنون داشت
На чархи з болидан як обила сар зад
نُه چرخ ز بالیدن یک آبله سر زد
Рафтӣ ва нёсуд ғуборам чаҳ тавон кард
رفتی و نیاسود غبارم چه توانکرد
Бар оташи ман нози ту домон саҳар зад
بر آتش من ناز تو دامان سحر زد
Бе рӯй ту аз сайри чамани сарфаи набардам
بیروی تو از سیر چمن صرفه نبردم
Ҳар лола ки дидам шабихунам ба назар зад
هر لاله که دیدم شبیخونم به نظر زد
Зини собиту сайёри суроғам чаҳ хаёл аст
زین ثابت و سیار سراغم چه خیال است
Гардидани рангам ба дар чарх дигар зад
گردیدن رنگم به در چرخ دگر زد
Бебарг тараб кард марои қомати перӣ
بی برگ طرب کرد مرا قامت پیری
Хами гаштани ин нахл ба сад шох табар зад
خمگشتن این نخل به صد شاخ تبر زد
Афсуни шуъӯр аз нафасам дӯд баровард
افسون شعور از نفسم دود برآورد
Обӣ ки ба рӯ мезадам оташ ба ҷигар зад
آبی که به رو میزدم آتش به جگر زد
Беёс , дил аз фикри ватан бар нагирифтам
بییاس، دل از فکر وطن بر نگرفتم
То обилаи пои гашти гуҳари фол сафар зад
تا آبلهپا گشت گهر فال سفر زد
Парвози нигоҳии бтмошои нрсондм
پرواز نگاهی بتماشا نرساندم
Чун шамъи зсртои қадамами як мижа пурзад
چون شمع زسرتا قدمم یک مژه پرزد
Мижгони баҳами бастаи саропардаи дил буд
مژگان بهم بسته سراپردهٔ دل بود
Ҳайрат задаам домани ин хайма ки бар зад
حیرتزدهام دامن این خیمه که بر زد
Фарёд ки рафтем ва ба ҷое нараседем
فریاد که رفتیم و به جایی نرسیدیم
Субҳ аз нафаси сӯхтаи доман ба камар зад
صبح از نفس سوخته دامن بهکمر زد
Моро зи баҳорат чаҳ расад ғайри таҳайюр
ما را ز بهارت چه رسد غیر تحیر
Тимсоли гулии бўдкаҳи ойӣна ба сар зад
تمثالگلی بودکه آیینه به سر زد
Дашномӣ аз он лаъл шунидам ки мапурсед
دشنامی از آن لعل شنیدم که مپرسید
Май хост ба сангам занад охир ба гуҳар зад
میخواست به سنگم زند آخر به گهر زد
Бедили дили моро нигаҳии барад ба ғорат
بیدل دل ما را نگهی برد به غارت
Он гул ки ту дидӣ чаманӣ буд назар зад
آنگلکه تو دیدی چمنی بود نظر زد