Онкии моро ба ҷафои сӯхта ё май сӯзад
آنکه ما را به جفا سوخته یا میسوزد
Натавон гуфт чаро сӯхта ё май сӯзад
نتوان گفت چرا سوخته یا میسوزد
Пеш чашмаш накунӣ ҳосил ҳастӣ хирман
پیش چشمش نکنی حاصل هستی خرمن
Ки ба як барқи адои сӯхта ё май сӯзад
که به یک برق ادا سوخته یا میسوزد
Токӣ эй оинаи заҳмати каш сайқал бошӣ
تاکی ای آینه زحمتکش صیقل باشی
Хонаи ?ути барқи сафои сӯхта ё май сӯзад
خانهات برق صفا سوخته یا میسوزد
Тапишӣ чанд ки дар болу пари шуълаи мост
تپشی چند که در بال و پر شعلهٔ ماست
Завқи парвози расои сӯхта ё май сӯзад
ذوق پرواز رسا سوخته یا میسوزد
Кас нафаҳмид ки чун шамъ дар ин маҳфили ваҳм
کس نفهمید که چون شمع در این محفل وهم
Олимии сар ба ҳавои сӯхта ё май сӯзад
عالمی سر به هوا سوخته یا میسوزد
Нури инсофгар инаст ки шоҳон доранд
نور انصاف گر این است که شاهان دارند
Соя дар боли ҳумои сӯхта ё май сӯзад
سایه در بال هما سوخته یا میسوزد
Ваҳми асбоби мпимокаҳи димоғи маҷнӯн
وهم اسباب مپیماکه دماغ مجنون
Дар сувидои ҳамаро сӯхта ё май сӯзад
در سویدا همه را سوخته یا میسوزد
Ману оҳӣ ки агар саркашад аз ҷайби адаб
من و آهی که اگر سرکشد از جیب ادب
Аз смк то ба самои сӯхта ё май сӯзад
از سمک تا به سما سوخته یا میسوزد
Мушти обӣ ки дарин дайр тавон ёфт куҷост
مشت آبی که درین دیر توان یافت کجاست
Ҳарчӣ дидем чу мо сӯхта ё май сӯзад
هرچه دیدیم چو ما سوخته یا میسوزد
Токӣ аз лоф кунад гарми димоғи умлит
تاکی از لاف کند گرم دماغ املت
Нафасӣ чанд ки восўхтаҳ ё май сӯзад
نفسی چند که واسوخته یا میسوزد
Шаш ҷиҳати шӯри сапандии а сет надонам бедил
شش جهت شور سپندی است ندانم بیدل
Дили овораи куҷои сӯхта ё май сӯзад
دل آواره کجا سوخته یا میسوزد