Баҳори ҳайрати сети ӣнҷо на гули неи ҷом май хезад
بهار حیرتست اینجا نهگل نی جام میخیزد
з ҳастӣ то адами як дидаи бодом май хезад
ز هستی تا عدم یک دیدهٔ بادام میخیزد
Хурӯши фитна зон чашми ҷунуни ошом май хезад
خروش فتنه زان چشم جنون آشام میخیزد
Ки ҷӯши аломон аз ҷони хосу ом май хезад
که جوش الامان از جان خاص و عام میخیزد
Далели шавқи найранги тамошоӣ ки шуд ёрб
دلیل شوق نیرنگ تماشای که شد یارب
Ки об аз оина чун ашк беором май хезад
که آب از آینه چون اشک بیآرام میخیزد
Чаҳ имкони сети сайди хоксорони фано кардан
چه امکانست صید خاکساران فنا کردن
Ба роҳи интизори мо ғубор аз дом май хезад
به راه انتظار ما غبار از دام میخیزد
Ба тўФи муддао чун нолаи урёни шӯ ки ошиқ ро
بهطوف مدعا چون ناله عریان شو که عاشق را
Фсрднҳои зи тўФи ҷомаи эҳром май хезад
فسردنها ز طوف جامهٔ احرام میخیزد
Ҳавои пухтагии дории кулоҳи фақр сомон кун
هوای پختگی داری کلاه فقر سامانکن
Ки аз тоҷи сарафрозони хаёли хом май хезад
که از تاج سرافرازان خیال خام میخیزد
зи нодонии ҳубоби бода май номанди бидрдон
ز نادانی حباب باده مینامند بیدردان
Ба дидори ту чашми ҳайратӣ каз ҷом май хезад
به دیدار تو چشم حیرتی کز جام میخیزد
Нафас дар дили шикастам шуъла зад дӯди димоғи ман
نفس در دل شکستم شعله زد دود دماغ من
Ҳаво дар хона май дуздами ғубор аз бом май хезад
هوا در خانه میدزدم غبار از بام میخیزد
Рамидани барнамеи тобади ҳавои олами улфат
رمیدن برنمیتابد هوای عالم الفت
Чу ҷӯши сабзаи гирди ин биёбони ром май хезад
چو جوش سبزه گرد این بیابان رام میخیزد
Дарин мазраъ ки дорад реша аз сози гирифторӣ
درین مزرع که دارد ریشه از ساز گرفتاری
Агар як дона уфтад бар замини сад дом май хезад
اگر یک دانه افتد بر زمین صد دام میخیزد
Димоғи ҷода паймое надорад раҳрави шавқат
دماغ جادهپیمایی ندارد رهرو شوقت
Шарари аввали қадам аз худ ба ҷои гом май хезад
شرر اول قدم از خود به جایگام میخیزد
ри бас дар орзӯӣ май сарои пои ҳасратами бедил
ر بس در آرزوی می سرا پا حسرتم بیدل
Нафас то бар лабам ояд садои ҷом май хезад
نفس تا بر لبم آید صدای جام میخیزد