Ҳркҷои ушшоқро дарди талаб манзур шуд
هرکجا عشاق را درد طلب منظور شد
Рафтани ранги ду олами хӯни як носур шуд
رفتن رنگ دو عالم خون یک ناسور شد
Ранги миннат барнаме дорад дили аҳли сафо
رنگ منت برنمیدارد دل اهل صفا
Субҳ , захми хешро худ марҳам кофур шуд
صبح ، زخم خویش را خود مرهمکافور شد
Бскаҳ дидам улфати офоқи лабрези газанд
بسکه دیدم الفت آفاق لبریز گزند
Дидаи аҳбоб бар ман хона занбӯр шуд
دیدهٔ احباب بر من خانهٔ زنبور شد
Биқроронти димоғ ҳасратӣ ме сӯхтанд
بیقرارانت دماغ حسرتی میسوختند
Як шарари азпрдаҳ берун зад чароғ тавр шуд
یک شرر ازپرده بیرونزد چراغ طور شد
Дил чаҳ сомон каз шикасти орзӯ бар ҳам начед
دل چه سامانکز شکست آرزو بر هم نچید
Бас ки мӯ оварад ин чинии сар фағфур шуд
بس که مو آورد این چینی سر فغفور شد
Буд бе таъмиреи сарфи баннои коинот
بود بیتعمیریی صرف بنای کاینات
Дил харобӣ кард кин вайронаҳо маъмур шуд
دل خرابیکرد کاین ویرانهها معمور شد
Тарки инсоф аз русуми интизом Яман нест
ترک انصاف از رسوم انتظام یمن نیست
Бскаҳи чашм аз маънӣам пӯшеди ҳосид , кӯр шуд
بسکه چشم از معنیام پوشید حاسد،کور شد
Гоҳи тӯфони ғазаб аз чини абрӯ бок нест
گاه توفان غضب از چین ابرو باک نیست
Аз шикаст пул натарсад сайл чун пар зӯр шуд
از شکست پل نترسد سیل چون پر زور شد
Збни ҳамаи ҳасрат ки мардум дар хморн мурда анд
زبن همه حسرتکه مردم در خمارن مردهاند
Ҷамъ шуд хамёзае чанду даҳон гӯр шуд
جمع شد خمیازهای چند و دهان گور شد
Обила бесаъй помрдӣ намеояд ба даст
آبله بیسعی پامردی نمیآید به دست
Рбшаҳи ток аз давидани соҳиб ангур шуд
ربشهٔ تاک از دویدن صاحب انگور شد
Меҳнати перии сети бедили ҳосили айши шабоб
محنت پیریست بیدل حاصل عیش شباب
Ҳарки шаб мехӯрд хоҳад субҳдам махмур шуд
هرکه شب می خورد خواهد صبحدم مخمور شد