Дили шуҳраи таслими зи забт нафасам шуд
دل شهرهٔ تسلیم ز ضبط نفسم شد
Қлқл ба лаби шиша шикастан ҷарасам шуд
قلقل به لبشیشه شکستن جرسم شد
Парвози заъифони табу тоб мижа дорад
پرواز ضعیفان تب و تاب مژه دارد
Болӣ нагушӯдам ки на чок қафасам шуд
بالی نگشودم که نه چاک قفسم شد
Фарёди згироиии қуллоби муҳаббат
فریاد زگیرایی قلاب محبت
Ҳар сўкаҳи гузаштами мижа ӯ асасам шуд
هر سوکهگذشتم مژه او عسسم شد
То чошнии бӯсии азон лаъл гирифтам
تا چاشنی بوسی ازآن لعلگرفتم
Ширинии лаззоти ду олам магасам шуд
شیرینی لذات دو عالم مگسم شد
Гуфтам ба навоеи расм аз сози саломат
گفتم به نوایی رسم از ساز سلامت
Дили замзамаи таълими набӣ бенафасам шуд
دل زمزمه تعلیم نبی بینفسم شد
Кӯи хоби адам каз таб ва тобам кунад эмин
کو خواب عدم کز تب و تابم کند ایمن
Чун шамъи кушоди мижа дар дида хасам шуд
چون شمع گشاد مژه در دیده خسم شد
Бар ҳрхсу хорӣ ки дар ин боғи расидам
بر هرخس و خاری که در این باغ رسیدم
Шарми нарасӣдан смрпишрсм шуд
شرم نرسیدن ثمرپیشرسم شد
Сртои қадамам дар арақ шамъ фурӯрафт
سرتا قدمم در عرق شمع فرورفت
Ёрб зкҷои сайри гиребон ҳавасам шуд
یارب زکجا سیر گریبان هوسم شد
Анқои ҷаҳони худам аммо чаҳ тавон кард
عنقای جهان خودم اما چه توان کرد
Ин як ду нафаси улфати бедил қафасам шуд
این یک دو نفس الفت بیدل قفسم شد