з ҳастӣ қатъ кунгар майли роҳат дар намӯд омад
ز هستی قطعکن گر میل راحت در نمود آمد
Чу ҳайрати софи мо дар даст то мижгон фурӯд омад
چو حیرت صاف ما در دست تا مژگان فرود آمد
Намози мо заъифони маъбад дигар наме хоҳад
نماز ما ضعیفان معبد دیگر نمیخواهد
Шикасти онҷо ки шдмҳроби тоқат дрсҷўд омад
شکستآنجا کهشدمحرابطاقتدرسجود آمد
Чаҳ дорад сайри имкони ҷузи умеди хоки гардидан
چه دارد سیر امکان جز امید خاک گردیدن
Дарин ҳрмонсрои ҳаркаси адами муштоқ буд омад
درین حرمانسرا هرکس عدم مشتاق بود آمد
зи вазъи зиндагии тарафии нбстми ҷуз ба навмидӣ
ز وضع زندگی طرفی نبستم جز به نومیدی
Чаҳ созами ин надомати сози пари ибрат сурӯд омад
چه سازم این ندامتساز پر عبرت سرود آمد
Ба ин аҷзӣ ки дар бунёди саъии хеш май байнам
به این عجزیکه در بنیاد سعی خویش میبینم
Шавамгар соя аз девор натавонам фурӯд омад
شوم گر سایه از دیوار نتوانم فرود آمد
Надонам домани зулф ки аз каф додаам ёрб
ندانم دامن زلف که از کف دادهام یارب
Садои дасти барҳам суданами пари машк суд омад
صدای دست برهم سودنم پر مشک سود آمد
Гаронаст аз симоҷатгар ҳамаи об бақо бошад
گرانست از سماجتگر همه آب بقا باشد
Ба маҷлис чун нафас бар лаб набояд зуд зуд омад
به مجلس چون نفس بر لب نباید زود زود آمد
з ҳастӣ то нгшми мунфаил оҳам наҷуст аз дил
ز هستی تا نگشم منفعل آهم نجست از دل
Арақи обӣ ба рӯем зад ки ин ахгар ба дӯд омад
عرق آبی به رویم زد که این اخگر به دود آمد
зи истиғно чу бедили доштами умеди ташрифӣ
ز استغنا چو بیدل داشتم امید تشریفی
Гусастан аз ду олами кисватамро тор ва пуд омад
گسستن از دو عالم کسوتم را تار و پود آمد