зи иброми талаб навмидӣам охир ба чанг омад
ز ابرام طلب نومیدیام آخر به چنگ آمد
Дуо аз бас гаронӣ кард дастами зер санг омад
دعا از بس گرانی کرد دستم زیر سنگ آمد
зи саъии ҳарзаи ҷавлони ранҷҳо барадами дарин водӣ
ز سعی هرزهجولان رنجها بردم درین وادی
з поем хор агар омад бурун аз пой ланг омад
ز پایم خار اگر آمد برون از پای لنگ آمد
Ба ранги субҳи эҳром чаҳ гулшани доштам ё раб
به رنگ صبح احرام چه گلشن داشتم یا رب
Ки андоз хиромам дар назари пар нимрнг омад
که انداز خرامم در نظر پر نیمرنگ آمد
Таҳайюри бсмли таъсии он мижгони хўнризм
تحیر بسمل تأثیر آن مژگان خونریزم
Ки аз тўФши нигаҳ то сӯй ман омад хаданг омад
که از طوفش نگه تا سوی من آمد خدنگ آمد
Ба истиқболам аз ёди нигоҳи коФроиинш
به استقبالم از یاد نگاه کافرآیینش
Қиёмат омад , ошӯби парӣ , омад фаранг омад
قیامت آمد، آشوب پری، آمد فرنگ آمد
Ғубории доштам дар хомаи наққоши мавҳумӣ
غباری داشتم در خامهٔ نقاش موهومی
Шикаст аз доманаш гул карду тасвирам ба ранг омад
شکست از دامنش گلکرد و تصویرم به رنگ آمد
Ба афсуни вафои охири ғам ӯ кард мамнӯнам
به افسون وفا آخر غم او کرد ممنونم
Ки аз дил дайр рафт аммо чу омад бидрнг омад
که از دل دیر رفت اما چو آمد بیدرنگ آمد
Ба эҳсонҳо ӣ биҷо хоҷа менозад наме донад
به احسانهای بیجا خواجه مینازد نمیداند
Ки Хизри нашъаи тавфиқаш аз саҳроӣ банг омад
که خضر نشئهٔ توفیقش از صحرای بنگ آمد
Шикаст дил намедидам нафасгар ҷамъ ме кардам
شکست دل نمیدیدم نفس گر جمع میکردم
Ба ранги ғунчаи ин муштам ба хотири баъд ҷанг омад
به رنگ غنچه این مشتم به خاطر بعد جنگ آمد
Ба ёди нестии рӯ то шӯй аз зиндагии эмин
به یاد نیستی رو تا شوی از زندگی ایمن
Ба осонӣ бурун натавон зи коми ин наҳанг омад
به آسانی برون نتوان ز کام این نهنگ آمد
Ду рӯзии тараф бо дил ҳам бибастам чун нафаси бедил
دو روزی طرف با دل هم ببستم چون نفس بیدل
Бар ин тимсоли охири хонаи ойӣна танг омад
بر این تمثال آخر خانهٔ آیینه تنگ آمد