Толеъами зулфи ёрро монад
طالعم زلف یار را ماند
Вазъи ман рӯзгорро монад
وضع من روزگار را ماند
Дили ҳавас ташнааст варна сипеҳр
دل هوس تشنه است ورنه سپهر
Косаи заҳри морро монад
کاسهٔ زهر مار را ماند
Нафаси ман ба ин фусурдаи дилӣ
نَفسِ من به این فسرده دلی
Дӯди шамъи мазорро монад
دود شمع مزار را ماند
Бскаҳ бе дӯсти доғ сӯхтанам
بسکه بیدوست داغ سوختنم
Гулханами лолаи зорро монад
گلخنم لالهزار را ماند
Хори дашти талаби з обила ам
خار دشت طلب ز آبلهام
Мижаи ашкборро монад
مژهٔ اشکبار را ماند
Нақш поем ба водии талабат
نقش پایم به وادی طلبت
Дидаи интизорро монад
دیدهٔ انتظار را ماند
Аҷзам аз вазъи худ сиррӣ водошт
عجزم از وضع خود سری واداشت
Нотавонии виқорро монад
ناتوانی وقار را ماند
Ёр дар ранги ғайри ҷилва гар аст
یار در رنگ غیر جلوه گر است
Ҳам чу нурӣ ки норро монад
هم چو نوری که نار را ماند
Ҷигари чоки субҳу домани шаб
جگر چاک صبح و دامن شب
Шонау зулфи ёрро монад
شانه و زلف یار را ماند
Азлати ойӣна дор расвоӣаст
عزلت آیینهدار رسواییست
Ин ниҳони ошкорро монад
این نهان آشکار را ماند
Нек дар ҳеҷ ҳол бад нашавад
نیک در هیچ حال بد نشود
Гул маҳоласт хорро монад
گل محال است خار را ماند
Бо ду олам муқобилам карданд
با دو عالم مقابلم کردند
Ҳайрати ойӣнаи дорро монад
حیرت آیینهدار را ماند
Мояи биғмӣ дилӣ дорам
مایهٔ بیغمی دلی دارم
Ки чу хӯн шуд баҳорро монад
که چو خون شد بهار را ماند
Ҳар чаҳ аз ҷинси нақш по пайдост
هر چه از جنس نقش پا پیداست
Бедили хоксорро монад
بیدل خاکسار را ماند