Дар гулистонӣ ки чашмами маҳви он танноз монад

در گلستانی‌ که چشمم محو آن طناز ماند

Накҳати гул низ чун барги гул аз парвоз монад

نکهت‌گل نیز چون برگ گل از پرواز ماند

Бскаҳи фитратҳо ба гирди норасои бозмонд

بسکه فطرتها به‌گرد نارسایی بازماند

Як ҷаҳони анҷом , хиҷлатпарвар оғоз монад

یک جهان انجام‌، خجلت‌پرور آغاز ماند

Нағмаҳо бисёр буд аммо зи ҷаҳли мустамеъ

نغمه‌ها بسیار بود اما ز جهل مستمع

Ҳарқадр бепарда шуд дар пардаҳои соз монад

هرقدر بی‌پرده شد در پرده‌های ساز ماند

Ҳасан дар изҳори шухии ранг тақсирӣ над ! шат

حسن‌در اظهار شوخی رنگ‌تقصیری نداشت

Чашмҳо ғифлат нигаҳ шуд ҷилваи маҳв боз монад

چشمها غفلت نگه شد جلوه محو باز ماند

Ин замон , ҳасрат , тасаллии хона ҷамъият аст

این زمان، حسرت‌، تسلی‌خانهٔ جمعیت است

Бехаёлӣ нест он ойӣна каз пардоз монад

بی‌خیالی نیست آن آیینه ‌کز پرداز ماند

Нақши найранги ҳақиқати сабти лавҳи дил бас аст

نقش نیرنگ حقیقت ثبت لوح دل بس است

Шавқ ғофил нестгар чашми тамошо боз монад

شوق غافل نیست گر چشم تماشا باز ماند

Ҷавҳари ойӣнаи ман сӯхти шарми ҷилва аш

جوهر آیینهٔ من سوخت شرم جلوه‌اش

Ҳайратӣ гул карда будам лек маҳв ноз монад

حیرتی ‌گل ‌کرده بودم لیک محو ناز ماند

Умрҳо шуд хок бар сар мекунад аҷзои ман

عمرها شد خاک بر سر می‌کند اجزای من

Ёрб ин гирди парешон аз чаҳ доман боз монад

یارب این‌گرد پریشان از چه دامن باز ماند

Шуълаи мо даъвии афсурдани охири пеши барад

شعلهٔ ما دعوی افسردن آخر پیش برد

Бршксти ранги бастами ончӣ азпрўоз монад

برشکست رنگ بستم آنچه ازپرواز ماند

Софии ди л шубҳа ҳастӣ ба арз овардан аст

صافی د‌ل شبههٔ هستی به عرض آوردن است

Акс ҳарҷо маҳв шуд ойӣна аз пардоз монад

عکس هرجا محو شد آیینه از پرداز ماند

Ҷодаи сарманзили мақсади хат паргор дошт

جاده سرمنزل مقصد خط پرگار داشت

Олимии анҷомҳо тай кард ва дар оғоз монад

عالمی انجامها طی‌کرد و در آغاز ماند

Ёр рафт аз дида аммо аз ҳуҷуми ҳайраташ

یار رفت از دیده اما از هجوم حیرتش

Бо ман аз ҳар ҷилвае ойӣнаи дорӣ боз монад

با من از هر جلوه‌ای آیینه‌داری باز ماند

Хомшии равшангари ойӣнаи дидор буд

خامشی روشنگر آیینهٔ دیدار بود

Бо саводи серумаи пайвасти ончӣ аз овоз монад

با سواد سرمه پیوست آنچه از آواز ماند

Азгдози сад ҷигари ашкӣ ба арз оварда ам

ازگداز صد جگر اشکی به عرض آورده‌ام

Бахя эй охири зи чоки пардаҳои роз монад

بخیه‌ای آخر ز چاک پرده‌های راز ماند

Бедил аз барг ва навой мо сияҳ бахатон мапурс

بیدل از برگ و نوای ما سیه‌بختان مپرس

Рӯзгор васл рафту толеъ носоз монад

روزگار وصل رفت و طالع ناساز ماند