Гар ойӣнаи ?ут дар муқобил намонад
گر آیینهات در مقابل نماند
Хаёли ҳақу фикр ботил намонад
خیال حق و فکر باطل نماند
На субҳии сети ӣнҷо на бомай сети пайдо
نه صبحیست اینجا نه بامیست پیدا
Куҷои арши вкўи фарш агар дил намонад
کجا عرش وکو فرش اگر دل نماند
Ҳамин пӯст мағзаст агар вошкоФӣ
همینپوست مغز است اگر واشکافی
Хаёласт Лайлӣ чу маҳмил намонад
خیال است لیلی چو محمل نماند
Нами хӯни ушшоқ агар шаста гардад
نم خون عشاق اگر شستهگردد
Ҳино низ дар даст қотил намонад
حنا نیز در دست قاتل نماند
зи дониш ба сад уқдаи афтодаи карт
ز دانش به صد عقده افتاده کارت
Ҷунуни гркнии ҳеҷ мушкил намонад
جنونگرکنی هیچ مشکل نماند
Нахоҳӣ ба тоби нафаси ғарра бӯдан
نخواهی به تاب نفس غره بودن
Ки ин шамъи охир ба маҳфил намонад
که این شمع آخر به محفل نماند
Нишони гири азгрди анқои суроғам
نشان گیر ازگرد عنقا سراغم
Ба он нақши пое ки дргл намонад
به آن نقش پاییکه درگل نماند
Баради шавқ агар лиззат норасӣдан
برد شوق اگر لذت نارسیدن
Иқомат дар оғӯш манзил намонад
اقامت در آغوش منزل نماند
МҷозоФринаст майли ҳақиқат
مجازآفرین است میل حقیقت
Карами гркнди ноз соил намонад
کرم گرکند ناز سایل نماند
Нафас олимӣ дорад аммо чаҳ ҳосил
نفس عالمی دارد امّا چه حاصل
Ду дам беш парвоз бсмл намонад
دو دم بیش پرواز بسمل نماند
Ҷаҳони ҷумлаи фарш хаёласт аммо
جهان جمله فرش خیال است امّا
зи сайқалгар ойӣна ғофил намонад
ز صیقل گر آیینه غافل نماند
Дил ҷамъ дорад чаҳ дунё чаҳ ъқбо
دل جمع دارد چه دنیا چه عقبا
Чўгўҳр шудӣ баҳр ва соҳил намонад
چوگوهر شدی بحر و ساحل نماند
Дар ин базми зи осори асрорснҷон
در این بزم ز آثار اسرارسنجان
Чаҳ монад агар шеър бедил намонад
چه ماند اگر شعر بیدل نماند