Мусаввири нигаҳати соғар чаҳ ранг занад
مصور نگهت ساغر چه رنگ زند
Магар ҷунун кунаду хома дар фаранг занад
مگر جنون کند و خامه در فرنگ زند
Чунин ки ?наргаст аз нози саргарон шуда аст
چنینکه نرگست از ناز سرگران شده است
зи сояи мижаи тарсам ба серума санг занад
ز سایهٔ مژه ترسم به سرمه سنگ زند
Ба гулшанӣ ки чаман дар рикоби бхромӣ
به گلشنی که چمن در رکاب بخرامی
Ҳинои зи даст ту гирад гул ва ба ранг занад
حنا ز دست تو گیرد گل و به رنگ زند
зи саъии хок ба гардун ғубор натавон барад
ز سعی خاک به گردون غبار نتوان برد
Ба домани ту ҳамон домани ту чанг занад
به دامن تو همان دامن تو چنگ زند
Дили гирифтаи мо қобил тасарруф нест
دل گرفتهٔ ما قابل تصرف نیست
Касе чаҳ қуфл бар ин хонаҳои танг занад
کسی چه قفل بر این خانههای تنگ زند
Гушӯдани мижаи муфти нафаси шумории мост
گشودن مژه مفت نفسشماری ماست
Шарар дигар чаҳ қадари такя бар диранг занад
شرر دگر چهقدر تکیه بر درنگ زند
Ҷаҳони адбгаҳи дилҳост бенафас ме бош
جهان ادبگه دلهاست بینفس میباش
Мабод оинае зини миёна занг занад
مباد آینهای زین میانه زنگ زند
Дили шикастаи ҷунуни баҳона ҷӯ дорад
دل شکسته جنون بهانهجو دارد
Ки ранг агар шиканами шиша бар таранг занад
که رنگ اگر شکنم شیشه بر تُرنگ زند
Намӯдаанд зи дасти навозиши фалакам
نمودهاند ز دست نوازش فلکم
Дамӣ ки гоҳи ғазаб бар замин паланг занад
دمی که گاه غضب بر زمین پلنگ زند
зи хеши ғайри тарошидае , куҷост ҷунун
ز خویش غیر تراشیدهای، کجاست جنون
Ки хандае ба шуъӯри ҷаҳон банг занад
که خندهای به شعور جهان بنگ زند
Ба сози аҷзи брои узрхоҳ офат бош
به ساز عجز برآ عذرخواه آفت باش
Ҳуҷуми обилаи камтар ба пой ланг занад
هجوم آبله کمتر به پای لنگ زند
зи бедилии қадаҳ инфеъол савдоем
ز بیدلی قدح انفعال سودایم
Ба шишае ки надорам касе чаҳ санг занад
به شیشهایکه ندارمکسی چه سنگ زند