намедонам чаҳ танагии дарҳами афшурди оҳи маҷнӯн ро

نمی‌دانم چه تنگی درهم افشرد آه مجنون را

Роми ин гирдбоди охир ба соғркрди ҳомӯн ро

رم این گردباد آخر به ساغر کرد هامون را

Ба ҳар мижгон задани сомони сад майхона мастӣ кун

به هر مژگان‌زدن سامان صد میخانه مستی کن

Ки хати ҷўшидўдрсоғргрФти он ҳасан мегаван ро

که خط جوشید و در ساغر گرفت آن حسن میگون را

Ба умед чакидани даст ва пое мезанад ашкам

به امیدِ چکیدن، دست‌وپایی می‌زند اشکم

Таназзул дар назар миъроҷ бошад ҳиммати дун ро

تنزل در نظر، معراج باشد همت دون را

Дарини гулшани тасаллии додўзъи сарву шамшодам

در این گلشن تسلی داد وضع سرو و شمشادم

Ки як мисраи баланд овоза дорад табъи мавзун ро

که یک مصرع بلند آوازه دارد طبع موزون را

Ба тасхири ҷаҳон беҳис аз тадбири фориғи шӯ

به تسخیر جهان بی‌حس از تدبیر فارغ شو

Нафаси Фрсокнии токӣ ба мори мурдаи афсун ро

نفس‌فرسا کنی تا کی به مار مرده افسون را

Урӯҷи ҷоҳи манъи сифла тбъиҳо наме гардад

عروج جاه، منع سفله‌طبعی‌ها نمی‌گردد

Ба ин сомони иззати буи тамкин нест гардун ро

به این سامان عزت، بوی تمکین نیست گردون را

зи сахтӣҳои ҳирсаст инки хоки аждаҳои тинат

ز سختی‌های حرص است اینکه خاک اژدهاطینت

Фурӯи бардаи сет аммо ҳазми нанамудаи сети қорун ро

فرو برده‌ست اما هضم ننموده‌ست قارون را

Фано мешавед азгрдкдўрт доман ҳастӣ

فنا می‌ شوید از گرد کدورت، دامن هستی

Чу оташ мекунад хокистари мо кори собӯн ро

چو آتش می‌کند خاکستر ما کار صابون را

Ки бовар дорад ин ҳарф аз шаҳиди бенавои ман

که باور دارد این حرف از شهید بینوای من

Ки рангӣ аз ҳинои даст қотил додаам хӯн ро

که رنگی از حنای دست قاتل داده‌ام خون را

Румузи хоксорон муҳаббат кист дарёбад

رموز خاکساران محبت کیست دریابد

Магари ҷавлони Лайлии нолаи создгрди маҷнӯн ро

مگر جولان لیلی ناله سازد گرد مجنون را

Асарҳо бингар аммо азтсрФ дам мазан бедил

اثرها بنگر اما از تصرّف دم‌مزن بیدل

Ба чун вчнд натавон ҳукм кардани сунъ бе чун ро

به چون‌وچند نتوان حکم‌کردن صنع بی‌چون را

Хониш
ғзл шморҳ 140 — ъндлӣб